Video : राजनीति की बयार बदलने फिर जुटे चेंजमेकर्स और वॉलंटियर्स, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

उदयपुर. राजनीति में स्वच्छ छवि के लोगों को आगे लाने के मकसद से शुरू की गई पत्रिका की चेंजमेकर मुहिम के तहत रविवार को दुर्गानर्सरी स्थित पत्रिका कार्यालय में चेंजमेकर्स और वॉलंटियर्स बड़ी संख्या में जुटे। इस दौरान संवाद में वॉलंटियर्स ने राजनीति में स्वच्छता और सुचिता की बात करते हुए काबिल और ईमानदार लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। प्रतिभागियों ने कहा कि जिन प्रतिनिधियों को हम चुनकर आगे भेजते हैं उनकी जिम्मेदारी है कि वह लोगों की समस्याओं का समाधान करें और संसद में उनकी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करें। प्रतिभागियों ने अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पेयजल समस्या, वर्षभर झीलें भरी रहे, पर्यटन व्यवसाय को पंख मिले, उदयपुर-अहमदाबाद रेल लाइन का काम जल्द पूरा करने सहित विभिन्न मुद्दे उभरकर सामने आए। कार्यक्रम में भंवर सेठ, दिलखुश सेठ, महावीर प्रसाद जैन, कृष्णचंद्र श्रीमाली, विकास कच्छारा, शौर्या जैन, राजराजेश्वर जैन, देवीलाल चौधरी, नरेन्द्र कुमार सेठ, सुशीला कच्छारा, चोसरलाल कच्छारा, मुरलीधर गट्टानी, वरदान मेहता, जयंत कुमार व्यास, मोतीलाल पोखरना, पारस पोखरना, गणेश डागलिया, राजेन्द्र सेन, दिनेश कुमार माली, राजेन्द्र खोखावत आदि मौजूद रहे।

 

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इन प्रमुख समस्याओं पर हुई चर्चा, आए सुझाव

- हाईकोर्ट बेंच की स्थापना।

- उदयपुर शहर को बी2 श्रेणी का दर्जा मिले।

- अन्तरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं शुरू हो।

- सांसद प्रत्याशी अपना लोक ल घोषणा पत्र जारी करे।

- सरकारी शिक्षण संस्थाओं का निजीकरण न हो, क्वालिटी एजुकेशन पर जोर दे।

- शहर का ड्रेनेज सिस्टम सुधारा जाए।

- शहर में सडक़ों के हाल में जल्द सुधार हो।

- जिले में बड़े उद्योगों की स्थापना हो।

- उदयपुर में फिल्म स्टूडियो खुले।

- रेलवे सेवाओं का विस्तार हो।

- आयड़ नदी का सौन्दर्यकरण जल्द हो।

- मानसी वाकल के तीसरे और चौथे फेज के लिए परियोजना पर काम शुरू।

- जिले में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिले, किसानों को रोजगार से जोड़ा जाए।

- राजस्थानी बोली को भाषा का दर्जा मिले।

- शहर में स्वच्छता पर विशेष काम हो।

- भ्रष्टाचार पर रोक के लिए लोकपाल की नियुक्ति हो।

- शहर की बिजली लाइन्स भूमिगत हो।

- शिक्षा, चिकित्सा, सडक़, कृषि का विस्तार हो।

- ठोस कचरा व प्लास्टिक निस्तारण के लिए प्लांट की स्थापना हो।

- यातायात और पार्किंग की व्यवस्था सुनियोजित तरीके से हो।

- नगरनिगम का दायरा बढऩा चाहिए।

- सासंद के रिकॉल का अधिकार मिले।

- जनप्रतिनिधियों के लिए अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान।

- आरक्षण हटाने के लिए पार्टियां आगे आए।

- शहर में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो।