video में देखिए मंदसौर में फिर किसान क्यों हुए आक्रोशित

मंदसौर.
फे्र्रट कॉरिडोर भारतमाला परियोजना के अंतर्गत गुरुग्राम से महाराष्ट तक बनने वाले ८ लेन सडक़ में जिन किसानों की जमीन आ रही है। उनमें से कई गांवों के बड़ी संख्या में किसान
सांसद सुधीर गुप्ता के घर सोमवार को पहुंचे। यहां पर किसानों ने नारेबाजी की और १९ सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के बाद किसानों को सांसद ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। किसानों की मुख्य मांगों में से एक मुआवजा राशि है। ज्ञापन देने में लसुडिया, दलावदा, बर्डियाअमरा, सरसपुरा सहित अन्य गांवों के किसान थे। जिसमें बापूसिंह, मिठ्ठूङ्क्षसह, मानङ्क्षसह, प्रदीप ङ्क्षसह, कैलाश, प्रकाश, किशन, जेतराम, भंवर सिंह सहित अन्य किसान थे।
इन मांगों को लेकर दिया ज्ञापन
-कुआ का सर्वे किया गया था। जिसमें किसान द्वार ***** करवा रखे है। उनका सर्वे नहीं किया गया। उनका भी सर्वे किया जाए।
-परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता के अनुसार राज्य शासन की नौकरी दी जाए।
-शासन अधिग्रहित कर रही है। उस पर शासन का अधिकार रहेगा। किसान बेरोजगार हो जाएगा। न्यूनतम वर्ग फीट के हिसाब से उसे मुआवजा प्रतिवर्ष दिया जाए।
-अधिग्रहित भूमि का मुआवजा गाइड लाइन से ८ गुना दिया जाए।
-जिस भूमि का अधिग्रहण हुआ है। वहां की एक फीट मिट्टी किसान को लेने दी जाए।
-यदि किसान आगामी छह वर्षों के भीतर कोई कृषि योग्य भूमि खरीदता है तो उसकी स्टाम्प डयूटी नहीं ली जाए।
-केपिलट गेन टेक्स में छूट दी जाए।
-किसान परिवार को जो भी पेट्रोल पंप रोड पर खुलेगा उस में किसान परिवार का अंश भी सुनिश्चित किया जाए। इसके सहित १९ विभिन्न मांगेंं शामिल है। लसुडिया के किसान प्रकाशचंद्र ने कहा कि ८ लेन निर्माण में मेरी तीन बीघा जमीन आ रही है। और मुआवजा राशि केवल दो लाख रूपए बीघा के अनुसार दे रहे है। जब इनको प्रत्येक बीघा का ८ लाख रूपए देना चाहिए। हमे गाइडलाइन के अनुसार नहीं बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा राशि चाहिए।