video: मरीज़ों के दर्द को यहाँ देखें कौन

भुवनेश पण्ड्या
उदयपुर . सोनोग्राफी जांच के लिए एक के बाद एक मरीज बरामदे में पहुंचते रहे। कोई जमीन पर बैठ कर तो कोई बार-बार अन्दर जाकर उसकी बारी जल्दी आने का इंतजार करता रहा। अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि न तो बैठने की जगह और ना ही जांच कब होगी इसकी सूचना देना कोई है।

यह पीड़ा है महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में सोनोग्राफी की जांच के लिए आने वाले मरीजों की। ३१ नम्बर कक्ष में सोनोग्राफी के लिए बहुत गंभीर से लेकर सामान्य सभी प्रकार के मरीजों को एक साथ भेजा जा रहा है। गम्भीर मरीज को तत्काल उपचार की जरूरत होती है, लेकिन उनके परिजन रोगियों की लम्बी कतार के बीच अपनी बारी की राह तकते हैं। इस कक्ष में जनाना हॉस्पिटल से भी मरीजों को भेजा जाता है।

तत्काल जांच के आदेश हुए हवा

गत दिनों चिकित्सालय अधीक्षक ने आदेश जारी किया था कि मरीज की जांच तत्काल कर उसी दिन कर रिपोर्ट दी जाए लेकिन अब भी मरीजों को तीसरे दिन तक आने की सलाह देकर भेजा जा रहा है। इस व्यवस्था पर सेन्ट्रल लैब प्रभारी से लेकर अन्य कार्मिकों ने भी हामी भरी है। इस कक्ष में चार सोनोग्राफी मशीन हैं, इसके बावजूद कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ रहती है। मरीजों की पर्चियां लेकर उन्हें बारी-बारी से बुलाया जाता है। एेसे में बुजुर्ग या गंभीर मरीजों को भी लम्बा इंतजार करना पड़ा है।

—-

(सभी वीडियो पत्रिका के पास उपलब्ध )

मरीजों की पीड़ा उनकी जुबानी

– पाली जिले के नारलय से आए हसम खान अपने बेटे के साथ सोनोग्राफी के लिए बारी का इंतजार कर रहे थे। बेटे ने बताया कि वे करीब चार घंटे से जांच के लिए बैठे हैं। अब तक केवल ७० लोगों की जांच हुई है। उनका १४४वां नम्बर है। मरीज का एक माह से खाना-पीना व बोलना बंद है।

– आयशा ने बताया कि उन्हें ब्रेस्ट एप्सीस की शिकायत है। वह शनिवार को चिकित्सक को दिखाकर गई थी। उसे यह कहकर घर भेज दिया था कि तीन दिन बाद आना। एेसे में वह सुबह आठ बजे से जांच के लिए बैठी है। दोपहर के १२ बज चुके हैं। उसे १०५ नम्बर दिया है।
– झाड़ोल क्षेत्र के आेगणा में आए करीब ६५ वर्षीय प्रतापसिंह भी सुबह से इंतजार कर रहे हैं। ११८ वां नम्बर दिया है। मरीज को पेट में दर्द की शिकायत है।

दस बार चक्कर काटे कोई सुनवाई नहीं

– मावली क्षेत्र के धोलीमगरी से आए तुलसा भाई पेटदर्द की शिकायत पर २७ अप्रेल को भर्ती हुए थे। तीन दिन पूर्व चिकित्सक ने सोनोग्राफी लिखी थी, तब वे यहां पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि तीन दिन बाद आना। उनके बेटे गणेश लाल ने बताया कि अब तक दस बार चक्कर काट चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। कह रहे हैं कि जब नम्बर आएगा तो बुला लेंगे।
– भीलवाड़ा के आसीन्द से मरीज रमजान को लेकर आए बडे़ भाई सलीम ने बताया कि मरीज खाना नहीं खा पा रहा है, इसे पेट दर्द की शिकायत है। २२ अप्रेल से रमजान अस्पताल में भर्ती है। २७ अप्रेल को जांच के लिए आए तो तीन दिन बाद बुलाया। आज फिर सुबह से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

– कुछ मरीज तो इंतजार करते-करते इतने थक गए कि जमीन पर ही लेट गए।
– जनाना हॉस्पिटल से जशोदा को सोनोग्राफी के लिए भेजा था। उनके साथ आई एक स्टाफ ने बताया कि यह सिरोही जिले के शिवगंज से आए हैं, गर्भ में बच्चे को लेकर कुछ समस्या है।

पत्रिका टीम को देखा तो बुलाया जल्दी

झाड़ोल के महेन्द्रकुमार को परिजन स्ट्रेचर पर लेकर पहुंचे थे, उन्हें १५०वां नम्बर दिया गया, लेकिन पत्रिका टीम को देखकर उन्हें बारी से पहले ही बुला लिया गया।

—-
व्यवस्था सुधारने के लिए सभी को निर्देश दे दिए हैं। यह प्रयास है कि किसी मरीज को कभी परेशानी नहीं हो। जो कमियां रही हैं, उन्हें तुरन्त ठीक करेंगे।

डॉ लाखन पोसवाल, अधीक्षक महाराणा भूपाल हॉस्पिटल