VIDEO: पुलिस ने जब्त की 160 ग्राम ब्राउन शुगर, दो तस्कर गिरफ्तार

प्रतापगढ़/धमोतर. मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए धमोतर थाना पुलिस ने गुरुवार को 160 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। धमोतर थाना अधिकारी दीपक बंजारा ने बताया कि जिले में इन दिनों जिला पुलिस अधिक्षक अनिल बेनीवाल के निर्देशन में मादक पदार्थों की धरपकड़ का अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत एनएच 113 पर हनुमान चौराहा के निकट पुलिस की ओर से नाकेबंदी के दौरान सामने से एक बाइक आती हुई दिखाई दी। इसे रोक कर पूछताछ की गई तो उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगी। इस पर मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने बाइक की तलाशी ली, जिसमें बाइक के टूल बॉक्स में 160 ग्राम ब्राउन शुगर मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस ब्राउन शुगर की कीमत 8 0 लाख रुपए बताई जा रही है। आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि कनोरा गांव के रहने वाले दोनों तस्कर पप्पू पुत्र रामलाल माली निवासी कनोरा थाना रठांजना और कादर खान उर्फ राजू पुत्र बाबू खान निवासी कनोरा को तस्करी की ब्राउन शुगर कनोरा के ही खान शेद उर्फ टीका से लेकर आए थे। पुलिस ने दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया है। अब पुलिस खान शेद उर्फ टीका की तलाश कर रही है।

 

ठगी के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार
प्रतापगढ़. हथुनिया थाना पुलिस ने इनाम का लालच देकर लोगों को ठगने के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कंपनी का सदस्य बनाने की एवज में इनाम देने का बहाना बनाकर लोगों से रुपए ऐंठते थे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मध्यप्रदेश के झाबुआ थाना क्षेत्र के कालिया छोटा गांव का विनोद पिता मोतीसिंह लबाना, झाबुआ के किशनपुरा गांव का राजेन्द्र पिता कालूसिंह लबाना, गुजरात दाहोद के बलैया गांव का बाबूलाल पिता रमण भाई लबाना, बांसवाड़ा के खंभेरा थाना क्षेत्र के बडैता गांव निवासी भूरालाल पिता शंकरलाल रावल जागी है। इनके खिलाफ हथुनिया थाने के अवलेश्वर निवासी पप्पूलाल कुमावत ने एक वर्ष पहले रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि आरोपियों की बांसवाड़ा में माई इंटरप्राइजेज मैनेजमेंट नाम से कंपनी थी। आरोपियों ने उससे सम्पर्क कर कहा कि उसकी कंपनी का सदस्य बनाने पर इनाम में फ्रीज, कूलर एसी आदि का इनाम दिया जाएगा। कंपनी का सदस्य बनने पर साढ़े चार हजार रुपए का सदस्यता शुल्क देना होगा। वह आरोपियों के झांसे में आ गया। उसने अपने प्रभाव से 336 लोगों को सदस्य बना दिया। सभी से 4500 रुपए लेकर कंपनी में जमा करा दिए। इस तरह उसने 15 लाख 12 हजार रुपए एकत्र कर आरोपियों को दे दिए। लेकिन कंपनी की तरफ से कोई इनाम नहीं दिया गया। जब आरोपियों से सम्पर्क किया गया तो बांसवाड़ा में कंपनी कार्यालय के ताले लगाकर आरोपी भाग चुके थे।
पप्पूलाल ने एक साल पहले उनके खिलाफ अदालत इस्तागसे के जरिए एफआईआर दर्ज कराई। इस पर आरोपियों ने राजीनामा कर लिया। लेकिन राजीनामे के अनुसार रकम नहीं लौटाई। इस अदालत ने एफआईआर वापस खोलकर जांच शुरू करने के आदेश दिए।
मामले के जांच अधिकारी हथुनिया थाने के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक शिवलाल ने बताया कि जांच के बाद उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां गुरुवार को उन्हें अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा के तहत जेल भेजने के आदेश दिए।