Video दिसंबर में इस ट्रेक पर चलेगी बिजली से ट्रेन


मंदसौर.
रतलाम रेल मंडी के डीआरएम आरएन सुनकर रतलाम-नीमच रेल सेक्शन का निरीक्षण करने शनिवार को निकलें। नीमच से रतलाम जाते समय दोपहर में कुछ समय के लिए मंदसौर रेलवे स्टेशन पर रुकें।यहां उन्होंने चल रहे दोहरीकरण, विद्युतीकरण, प्लेटफॉर्म विस्तारिकरण सहित अन्य कामों की जानकारी लेते हुए समीक्षा की। रतलाम-नीमच के बीच चल रहे विद्युतीकरण के काम को लेकर कहा कि यह प्रोजेक्ट बहुत तेजी से चल रहा है। हम तो इसी साल के अंत में दिसंबर में इस ट्रेक पर बिजली से टे्रन चला देंगे।मार्च- 2019 में विद्युतीकरण का यह प्रोजेक्ट पूरा होना है। ऐसे में डीआरएम इस ट्रेक पर इसी साल के अंत में बिजली से ट्रेन चलाने का दावा कर गए। वह औपचारीक रुप से इस क्षेत्र में चल रहे रेलवे के प्रोजेक्ट को देखने आए थे। इस दौरान स्टेशन मास्टर सहित आरपीएफ टीआई, इंजीनियर रामलाल मीणा सहित अन्य मौजूद थे।


जगह कहा है, ओवरब्रिज बनेगा तो भी हम राशि शेयर कर लेंगे
नीमच की और से जब जब मंदसौर स्टेशन दोपहर 2.20 बजे पहुंची तो सब ट्रेन के आखरी कोच के यहां पहुंचे। पूछा डीआरएम कहा है जो जवाब मिला कि अभी खाना खा रहे है।इसके बाद एक गेट से डीआरएम बाहर आए और विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए जानकारी ली। यहीं पर मौजूद वार्ड ५ के पार्षद प्रतिनिधि आशीष गौड़ ने स्टेशन से कुछ ही दूरी पर स्थित मिड इंडिया फाटक पर स्वीकृत अंडरब्रिज निर्माण को लेकर चर्चाकी तो उन्होंने कहा कि रेलवे की और से तो सबकुछ तैयार है, लेकिन यहां जगह की दिक्कत है। गौड़ ने यहां हर दिन की हजारों लोगों की होने वाली परेशानी से डीआरएम को अवगत कराते हुए इस फाटक पर ब्रिज की जरुरत बताते हुए जनसुविधा का हवाला दिया और जल्द यहां ब्रिज बनाने की मांग रखी। डीआरएम ने कहा किडबलीकरण से लेकर अन्य काम होना है। ऐसे में यहां अंडरब्रिज छोड़ यदि ओवरब्रिज भी बनेगा तो हम राशि स्टेट से शेयर कर लेगें। अंडर में भी राशि हम शेयर कर ही रहें है। गौड़ ने जब कहा कि अंडरब्रिज स्वीकृत हो चुका है।इसके बनने में रेलवे की वजह से ही अनावश्यक देरी हो रही है। तो उन्होंने कहा कि हमारी सभी प्रक्रिया पूरी है।नक्शा भी भेज चुके है। हम ओवरब्रिज के लिए भी तैयार है।


हम तो नक्शा बनाकर भेज चुके है
यहां को नक्शा बनाकर हम स्टेट को भेज चुके है और नपा को भेजा है। सुवासरा और प्रतापगढ़ की और से रेल लाईन यहां आना हैतो दोहरीकरण, विद्युतीकरण, प्लेटफॉर्म विस्तारीकरण सहित अन्य काम होना है। ऐसे में यहां जो जगह उपलब्ध है। उसके हिसाब से यहां जगह की कमी है, फिर भी हमारा नक्शा तैयार है। हम तो बनाने को तैयार है। विद्युतीकरण अभी पूरा हो जाएगा, दोहरीकरण, प्लेटफॉर्म विस्तारीकरण चल रहा है। सुवासरा, प्रतापगढ़ लाईन व शिवना पर ब्रिज सहित यहां अन्य प्रोजेक्ट पर काम होना है। इसके बाद डीआरएम उसी ट्रेन से रतलाम की और रवाना हो गए।

....तो मंदसौर भी बन जाएगा रेलवे का जंक्शन
डीआरएम के कहे अनुसार यहां सुवासरा के साथ प्रतापगढ़ लाईन जुड़ेगी। ऐसे में मंदसौर सीधे तौर पर रतलाम और उधर कोटा रुट से सुवासरा से जुडेगा तो प्रतापगढ़ जो की राजस्थान का जिला हैवह भी जुड़ जाएगा। ऐसे में मंदसौर से चारो और से रेलवे के बड़े स्टेशनों व लंबी दूरी की चलने वाली यात्री गाडिय़ों के रुट से जुड़ जाएगा और यात्रियों की सुविधा में इजाफा होगा। जंक्शन की तरह मंदसौर होकर किसी भी रुट पर यात्री पहुंचकर सफर कर सकेंगे।