VIDEO # डीईओ कार्यालय का अकाउटेंड 15 हजार की रिश्वत लेते हुए धराया

मंदसौर । जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ अकाउटेंड मनीष मोर्य को उज्जैन लोकायुक्त ने शुक्रवार को १५ हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा है। भ्रष्टाचार अधिनियम में मामला दर्ज किया। मोर्य स्कूल की मान्यता और मान्यता नवीनीकरण के नाम पर रिश्वत ले रहा था। शामगढ़ निवासी राजेश जोशी की शिकायत पर लोकायुक्त ने कार्रवाई की। लोकायुक्त फरियादी के साथ यहां पहुंची और फरियादी को रुपए लेकर देने के लिए भेजा। जोशी ने कार्यालय में जाकर मनीष को जैसे ही 15 हजार रुपए दिए। उसने लेकर अपने जेब में रख लिए। तभी लोकायुक्त की टीम ने वहां पहुंचकर उसे रंगेहाथ पकड़ लिया और उसके हाथ धुलवाए। जिस पेंट में मनीष ने रुपए रखें थे। वह भी लोकायुक्त ने खुलवाकर जप्ती में ली।
पंचनामा बनाकर, की जप्ती, बांड भरवाकर छोड़ा
रंगेहाथ पकडऩे के बाद लोकायुक्त की टीम ने गुलाबी हुए पानी के साथ ही रुपए व पेंट पंचनामा बनाते हुए जप्ती में ली और करीब एक घंटे तक पूरी कार्रवाई चली।कार्रवाई के बाद आरोपी मनीष को बांड भरवाकर छोड़ा। लोकायुक्त डीएसपी शैलेंद्रसिंह ठाकुर ने बताया कि भ्रष्टाचार अधिनियम में यह बदलाव हुआ है। पहले कार्रवाई के बाद मुचलके पर छोड़ा जाता था।अब धारा ४१ का बांड भवरवाकर उसे छोड़ा जाता है। इसमें यदि आरोपी जांच और आगे की प्रक्रिया में सहयोग नहीं करें तो लोकायुक्त उसे गिरफ्तार कर सकती है।
यह हैपूरा मामला
शामगढ़ में सरस्वती कावेंट स्कूल है। इसके संचालक राजेश जोशी ने १३ मार्च को लोकायुक्त में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ अकाउटेंड मनीष मोर्य जो वर्तमान में मान्यता सेक्शन के प्रभारी है। उनके द्वारा २० हजार रुपए की रिश्वत निजी स्कूल की मान्यता के नवीनीकरण और नए स्कूल की मान्यता के लिए मांगने की बात कही थी। इस पर यहां आकर लोकायुक्त ने जाल बिछाया और १५ हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
मेरे छोटे बच्चे है मुझे फंसाया जा रहा है
पूरी कार्रवाई के दौरान मनीष लोकायुक्त टीम के सामने यहीं कहता रहा कि मेरे छोटे बच्चे है। उन्हीं की मुझे चिंता है। मुझे जबरन फंसाया जा रहा है। मैंने कोई राशि की मांग नहीं की थी। जिस व्यक्ति ने शिकायत की।मैं जानता भी नहीं। वह बार-बार मुझे फोन कर रहा था और यहां आकर जबरन मुझे राशि दी।
मुझसे कहा था रेट तो बहुत ज्यादा है, पर 20 हजार तो लगेंगे
फरियादी राजेश जोशी ने बताया कि शामगढ़ में सरस्वती कांवेंट स्कूल की मान्यता नवीनीकरण के लिए आवेदन दिया था।ऑनलाईन आवेदन के बाद इनके पास आया।इन्होंने २० हजार की मांग की। एक नए स्कूल की मान्यता के लिए भी आवेदन यहां पड़ा है। इस काम के लिए ५० हजार तक के रेट की बात कही थी। दो दिन बाद फिर आया तो १५ हजार में सहमती बनी थी। डीईओ व नोडल अधिकारी को भी पैसे देने की बात कहते हुए कहा था कि अधिकारियों को देना पड़ता है। कई बार यहां आया। हर बार राशि की बात हुई। इसके बाद १३ मार्च को लोकायुक्त में शिकायत की।
जांच में और नाम होना पाया गया तो करेंगे कार्रवाई
फरियादी राजेश जोशी ने 13 मार्च को आवेदन देते हुए शिकायत की थी। इसमें अकाउटेंड द्वारा 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की जाना बताया था। यहां कार्रवाई की। १५ हजार रुपए लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा है। मामला अभी जांच मे है और नामों की पुष्टि होगी तो उन पर भी कार्रवाई करेंगे।-शैलेंद्रसिंह ठाकुर, डीएसपी, लोकायुक्त, उज्जैन
जानकारी नहीं
कार्यालय में जो भी हुआ। उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। मेरी माताजी को दो अटेक आएं है। वह आईसीयू में भर्ती है। माताजी के स्वास्थ्य कारणों के चलते में यहां अस्पताल में हुं।-आरएल कारपेंटर, डीईओ