आनंदपाल के वकील ने कहा- हनीप्रीत को सरेंडर से पहले मीडिया के जरिए सामने लाए, वरना आनंदपाल की तरह मार देते

उदयपुर – हनीप्रीत मुख्यधारा से जुड़ना चाहती थी मगर सरेंडर से पहले मीडिया के सामने उसे रखा गया ताकि उसकी जान को कोई खतरा ना हो। उसी का नतीजा रहा कि आज वह जिंदा है। यही आनंदपाल भी चाहता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अगर हनीप्रीत को मीडिया के सामने नहीं लाते तो उसकी भी हत्या हो जाती। आनंदपाल के वकील एपी सिंह ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही।

– अखिल भारतीय राजपूत महासभा की रथयात्रा के साथ उदयपुर आए एपी सिंह ने कहा कि आनंदपाल भी मीडिया के सामने आकर सरेंडर करना चाहता था लेकिन शायद सरकार ही यह नहीं चाहती थी वरना जब छोटा राजन को मंत्री खुद जाकर विमान के सहारे यहां लेकर आ सकते हैं तो आनंदपाल तो कोई आतंकवादी नहीं था। सिंह ने कहा कि राजपूतों के दबाव में सरकार ने सीबीआई जांच सौंपी है।

– तीन तलाक 6 दिन में बंद हो सकता है तो आरक्षण क्यों नहीं: राजपूत महासभा जातिगत आरक्षण को बंद कर आर्थिक आरक्षण देने के लिए देशभर में रथयात्रा कर रही है। इसको लेकर एपी सिंह ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट 6 दिन में ट्रिपल तलाक पर निर्णय दे सकता है तो आरक्षण बंद क्यों नहीं करा सकता।

– इस दौरान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेन्द्र सिंह तंवर ने कहा कि हर सरकार आरक्षण के सहारे अपनी राजनीति चमकाती है। इस दौरान संजय लीला भंसाली की अगले माह रिलीज हो रही फिल्म पद्मावती को लेकर भी विरोध जताया गया। सदस्यों ने कहा कि अगर पद्मावती फिल्म में इतिहास से जरा भी छेड़छाड़ हुई तो फिल्म को चलने नहीं दिया जाएगा।

कटारिया को जानकारी होती तो नहीं होता एनकाउंटर
– सिंह ने यह कहकर भी सबको चौंकाया कि आनंदपाल के सरेंडर को लेकर कटारिया ने आश्वासन दिया था। लेकिन शायद उन्हें इस पूरे एनकाउंटर की जानकारी नहीं थी। अन्यथा अगर ऐसा होता तो कटारिया यह एनकाउंटर नहीं होने देते।

– सिंह ने कहा कि प्रदेश में लॉ एंड आर्डर की जिम्मेदारी गृहमंत्री की होती है परंतु एनकाउंटर के अगले दिन जो बात उन्होंने कही कि मुख्यमंत्री ने उन्हें एनकाउंटर के बारे में सूचित किया। इससे यही लगता है कि उनसे राय लिए बगैर ही यह एनकाउंटर हुआ होगा।

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