पाक से आए हिंदू परिवारों को 50% तक रियायत पर भूखंड देगी सरकार

mewar kiran news

जयपुर, जोधपुर और अजमेर सहित 31 जिलों में अब पाकिस्तान से आए सभी हिंदू परिवारों को 100 वर्गमीटर तक के भूखंड रियायती दरों पर आवंटित किए जाएंगे। सरकार ने पहली बार इनके लिए जमीन आवंटन की नीति बनाकर आदेश जारी किए हैं। अब पाकिस्तान से आया हिंदू परिवार 2 साल या अधिक समय से राजस्थान में निवास कर रहा है तो वह रियायती भूखंड का हकदार होगा। लेकिन उसके पास संबंधित जिले के कलेक्टर का भारत की नागरिकता का प्रमाणपत्र व निवास का एक दस्तावेज आवश्यक होगा।

ऐसे परिवारों को 15 से 20 दिन में नगरीय निकायों द्वारा भूखंड आवंटन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवंटन के एक साल तक यदि आवंटी ने नगरीय निकाय में राशि जमा नहीं कराई तो भूखंड स्वत: निरस्त कर दिया जाएगा। नगरीय विकास विभाग ने मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद पाक विस्थापितों के लिए शहरी आवास नीति जारी की। इसमें प्राधिकरण क्षेत्र, हाउसिंग बोर्ड और यूआईटी वाले शहर शामिल किए गए हैं। प्रदेश में 3 प्राधिकरण, 31 शहरों में हाउसिंग बोर्ड और 15 में यूआईटी है। कई शहरों में हाउसिंग बोर्ड व यूआईटी साथ भी हैं।

अधिकतम 100 वर्ग मीटर तक का भूखंड मिलेगा, दो साल से राज्य का निवासी जरूरी

पाक विस्थापित परिवार को सामान्यतया 90 वर्गमीटर तक का आवास आवंटन का प्रावधान किया है। लेकिन अधिकतम सीमा 100 वर्गमीटर रखी गई है। इससे अधिक बड़े भूखंड का आवंटन नहीं हो सकेगा। 60 वर्गमीटर तक के भूखंड की कीमत आवासीय आरक्षित दर की 25 फीसदी रहेगी। 61 से 90 वर्गमीटर तक के भूखंड की कीमत आवासीय आरक्षित दर की 50 फीसदी रहेगी। यदि भूखंड 90 वर्गमीटर से अधिक है तो 90 वर्गमीटर से अतिरिक्त क्षेत्रफल का शत प्रतिशत आरक्षित दर की गणना के बाद भूखंड की कीमत ली जाएगी। भूखंड के आवंटन की लीज आवंटन की राशि के 2.5 प्रतिशत की दर से कब्जा देने की तिथि से ली हर साल जाएगी। या एक मुश्त आठ साल की लीज जमा कराने पर लीज रेंट से मुक्त कर दिया जाएगा।

मुखिया के नाम ही देंगे भूखंड, बालिग बेटे-बेटी के लिए अलग भूखंड भी

नीति में प्रावधान किया है कि पाक विस्थापित के राशनकार्ड या अन्य दस्तावेज में दर्शाए मुखिया के नाम ही भूखंड का आवंटन किया जाएगा। लेकिन किसी भी परिवार के पुत्र या पुत्री बालिग है तो उनको भिन्न परिवार का सदस्य मानकर भूखंड आवंटित किए जा सकेंगे।