क्या 46 सालों का इतिहास एक बार फिर दोहराएगी सलूंबर विधानसभा सीट?

सलूंबर: मेवाड़ के स्वर्णिम इतिहास का महत्वपूर्ण ठिकाना सलूंबर, राजस्थान के इतिहास की उस घटना का गवाह है जब एक रानी ने विवाह के 7 दिन बाद अपना शीश काटकर युद्ध के लिए तैयार अपने पति के पास भिजवा दिया, ताकि राजा अपना कर्तव्य न भूलें। यह रानी बूंदी के हाड़ा शासक की बेटी थीं और उदयपुर (मेवाड़) के सलूम्बर ठिकाने के राजा चूड़ावत की रानी थीं। इतिहास में इनका नाम हाड़ी रानी के नाम से जाना जाता है।

सलूंबर विधानसभा सीट के बारे में एक दिलचस्प बात यह है कि पिछले 46 सालों से जिस पार्टी का विधायक इस विधानसभा सीट पर बनता है राजस्थान में उसी पार्टी की सरकार बनती है।

ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ राजस्थान के उदयपुर जिले की सलूंबर विधानसभा सीट के बारे में एक और कहावत प्रचलित है, राज्य की 200 विधानसभा क्षेत्रों में सलूंबर एक मात्र ऐसा विधानसभा क्षेत्र है जहां से पिछले 46 साल में जिस पार्टी का विधायक बना उसी पार्टी की राज्य में सरकार भी बनी। यह हम नहीं कह रहे, आंकड़े खुद-ब-खुद अपनी कहानी बयां कर रहे हैं।

साल विधायक पार्टी
1967 रोशन लाल कांग्रेस
1972 रोशन लाल कांग्रेस
1977 मावजी जनता पार्टी
1980 थान सिंह कांग्रेस
1985 थान सिंह कांग्रेस
1990 फूल चंद मीणा भारतीय जनता पार्टी
1993 फूल चंद मीणा भारतीय जनता पार्टी
1998 रूपलाल मीणा कांग्रेस
2003 अर्जुनलाल मीणा भारतीय जनता पार्टी
2008 रघुवीर सिंह मीणा कांग्रेस
2013 अमृतलाल मीणा भारतीय जनता पार्टी

उदयपुर जिले की सलूंबर विधानसभा क्षेत्र 156 अनुसूचित जनजाति की सुरक्षित सीट है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या 3,61,053 है जिसका 92।48 फीसदी हिस्सा ग्रामीण और 7।52 फीसदी हिस्सा शहरी है। इस विधानसभा में कुल आबादी का 55।07 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति है जबकि 5।21 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति है। आदिवासी आबादी के बाद सबसे बड़ी आबादी पटेल समाज की है फिर राजपूत, ब्राह्मण और अन्य जातियां हैं।

सलूंबर महल में राजा चूड़ावत की हाड़ी रानी के शीश के साथ प्रतिमा

साल 2017 की वोटर लिस्ट के अनुसार सलूंबर में वोटरों की 2,54,153 वोटर हैं और कुल 280 पोलिंग बूथ हैं। साल 2013 के विधानसभा चुनाव में 69।79 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि 2014 लोकसभा चुनाव में इस विधानसभा सीट पर 63।02 प्रतिशत मतदान हुआ था।

2013 विधानसभा चुनाव का परिणाम

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के अमृत लाल नें कांग्रेस के सांसद रघुवीर सिंह मीणा की पत्नी और विधायक बसंती देवी मीणा को पराजित किया। बीजेपी के अमृत लाल को 91930 वोट जबकि बसंती देवी मीणा को 55279 वोट मिले थे।

2008 विधानसभा चुनाव का परिणाम

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के रघुवीर सिंह मीणा ने बीजेपी के नरेंद्र कुमार को हराया लेकिन 2009 के लोकसभा चुनाव में उदयपुर से सांसद चुन लिए जाने के बाद रघुवीर सिंह मीणा को विधायक के तौर पर इस्तीफा देना पड़ा। जिसकी वजह से सलूंबर में 2009 में उपचुनाव हुए और इस उपचुनाव में रघुवीर सिंह मीणा की पत्नी बसंती देवी मीणा ने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर बीजेपी के अमृत लाल को 3000 मतों से शिकस्त दी।

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