Rajsamand: के भावा में पकड़े गए घी के चारों सैम्पल फेल

अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. अप्रेल माह में भावा की एक फैक्ट्री से पकड़ा गया घी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक था, यह खुलासा हुआ है घी के सैम्पल जांच रिपोर्ट में। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की खाद्य निरीक्षक टीम ने कार्रवाई के दौरान घी के चार सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजे थे, जिसमें चारों सैम्पल न केवल फेल हुए हैं, बल्कि अनसेफ साबित हुए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग की ओर से सीजेएम कोर्ट में चालान पेश किया गया है। गौरतलब है कि 19 अप्रेल 2019 को कांकरोली थाना क्षेत्र के भावा में नकली घी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। कार्रवाई के दौरान करीब १० लाख रुपए का माल बरामद हुआ था, यहां सरस के साथ आधा दर्जन से ज्यादा अन्य ब्रांडेंड कंपनियों के बहाने नकली घी बेचा जा रहा था। पुलिस ने यहां कार्रवाई कर भावा निवासी महेंद्र (22) पुत्र मोहन गुर्जर व सादड़ा निवासी नारायणलाल (26 ) पुत्र हरलाल गुर्जर को गिरफ्तार भी किया था। ghee samples fail


आर्थिक दंड के साथ सजा का प्रावधान
खाद्य निरीक्षक टीम द्वारा लिए गए सैम्पल जांच केलिए उदयपुर स्थित लैब में भेजे जाते हैं। सैम्पल को तीन श्रेणी सबस्टैंडर्ड, मिसब्रॉड और अनसेफ में वर्गीकृत किया जाता है। सबस्टैंडर्ड और मिसब्रॉड होने पर 5 हजार से 50 हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि अनसेफ श्रेणी को सबसे घातक माना जाता है, इस श्रेणी का सैम्पल शरीर के लिए हानिकारक होता है। इसलिए सैम्पल इसमें आर्थिक दंड के साथ 3 माह से 1 साल की सजा का भी नियम है।

तीस फीसदी मिलावटी खाद्य सामग्री!
बाजार में बिक रही 30 फीसदी खाद्य सामग्री मिलावटी, मिसब्रॉड और शरीर के लिए घातक हैं। यह हम नहीं कह रहे पिछले सात सालों में चिकित्सा विभाग की खाद्य निरीक्षक टीम द्वारा भेजे गए सैम्पलों के परिणामों से साबित होती है। विभाग ने सात सालों में 634 सैम्पल लिए हैं, जिसमें से 217 सैम्पल फेल हुए हैं यानि इनमें कहीं न कहीं मिलावट साबित हुई है। सैम्पलों में सबसे ज्यादा सबस्टैंडर्ड 128, मिसब्रॉड 72 तथा 13 अनसेफ साबित हुए हैं।

चालान पेश किया है...
अप्रेल माह में भावा स्थित फैक्ट्री से जो घी पकड़ा गया था उसके हमने चार सैम्पल लिए थे, चारों अनसेफ साबित हुए हैं। हमने सीजेएम कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। खाद्य सामग्री के अनसेफ साबित होने पर तीन माह से लेकर 1 वर्ष तक की कार्रवाई का नियम है।
-रमेश सैनी, खाद्य निरीक्षक, राजसमंद