एन.एस.यू.आई.की निम्बाहेड़ा ईकाई ने विश्वविद्यालय कुलपति के नाम महाविद्यालय प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन

राजकीय महाविद्यालय निम्बाहेड़ा के विज्ञान संकायों के परीक्षा परिणामों का पुर्नमूल्यांकन कराने की रखी मांग

निम्बाहेड़ा – एन.एस.यू.आई. की निम्बाहेड़ा ईकाई ने बाबा साहेब डाॅ.भीमराव अम्बेडकर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय निम्बाहेड़ा के विज्ञान विषय के दोनों संकायों के प्रथम,व्दितिय एवं तृतीय वर्ष के सभी छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणामों के पुर्नमूल्यांकन की मांग के आशय का कुलपति के नाम ज्ञापन महाविद्यालय प्राचार्य को सौंपा।

एन.एस.यू.आई. की निम्बाहेड़ा ईकाई व्दारा मंगलवार को मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति के नाम डाॅ.भीमराव अम्बेडकर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय निम्बाहेड़ा के प्राचार्य को सौंपे ज्ञापन में महाविद्यालय के विज्ञान विषय के दोनों संकायों के प्रथम,व्दितिय एवं तृतीय वर्ष के सभी छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणामों के पुर्नमूल्यांकन की मांग करते हुए ज्ञापन में लिखा कि डाॅ.भीमराव अम्बेडकर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय निम्बाहेड़ा के विज्ञान विषय के दोनों संकायों के परीक्षा परिणामों में भयंकर त्रुटियाँ दिखाई दे रही हैं क्योंकि जिस विद्यार्थी ने पिछले वर्ष विज्ञान विषय में महाविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया था उसे इस वर्ष एक विषय में मात्र 1 अंक दिया गया है,साथ ही ऐसे कई विद्यार्थी हैं जिन्होनें गत वर्ष 70 प्रतिशत अंक प्राप्त किये थे इस वर्ष के परीक्षा परिणामों में अनुत्तीर्ण घोषित किया गया है।

विज्ञान विषय के दोनों संकायों के प्रथम,व्दितिय एवं तृतीय वर्ष के परीक्षा परिणामों पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए एन.एस.यू.आई. की निम्बाहेड़ा ईकाई ने मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति के नाम सौपें गये ज्ञापन में दोनों संकायों के सभी छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणामों के पुर्नमूल्यांकन की मांग करते हुए लिखा कि इस तरह के परीक्षा परिणामों से जहां एक ओर महाविद्यालय प्रशासन हैरान परेशान है वहीं दूसरी ओर महाविद्यालय में आध्ययन कर रहे छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावकों में भारी रोष है।

एन.एस.यू.आई. की निम्बाहेड़ा ईकाई ने मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति के नाम सौपें गये ज्ञापन में जिक्र किया कि विश्वविद्यालय व्दारा विज्ञान संकायों के परीक्षा परिणाम जारी करने के बाद बगैर कोई बजह बताये कुछ ही घंटों में परिणाम वापस ले लिया गया था जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को भी संभवतया इस धांधली का पता चल गया था। परीक्षा परिणाम वापस लेने के बाद दूसरे दिन जब विश्वविद्यालय प्रशासन व्दारा विज्ञान संकायों के परीक्षा परिणाम पुनः जारी किये गये तो विद्यार्थी हैरान रह गये जब उन्हें ज्ञात हुआ कि प्रशासन व्दारा मात्र विश्वविद्यालय काॅलेज उदयपुर के परीक्षा परिणामों में ही फेरबदल किया गया है। संभवतया विश्वविद्यालय प्रशासन ने उदयपुर के छात्र-छात्राओं के रोष से बचने के लिये ही विश्वविद्यालय काॅलेज उदयपुर के परीक्षा परिणामों में संशोधन/फेरबदल करके अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है।

छात्र नेता रोमिल चोधरी के नेतृत्व में मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति के नाम सौपें गये ज्ञापन में एन.एस.यू. आई. की निम्बाहेड़ा ईकाई ने लिखा कि विज्ञान विषय के दोनों संकायों के प्रथम,व्दितिय एवं तृतीय वर्ष के परीक्षा परिणामों का शीघ्र से शीघ्र पुर्नमूल्यांकन करवाया जाये ताकि विद्यार्थियों में पनप रहे भारी असंतोष और आक्रोश को कम किया जा सके साथ ही विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और उसके नाम पर लग रहे कलंक को भी धोया जा सके। एन.एस.यू.आई. की निम्बाहेड़ा ईकाई ने ज्ञापन में चेतावनी देते हुए लिखा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन व्दारा छात्र-छात्राओं की इस तर्क संगत मांग को नहीं माना गया तो विश्व विद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों के भारी रोष एवं उग्र प्रदर्शन का सामना करना पड़ेगा जिसके लिये पूरी तरह से विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार होगा।

छात्र नेता रोमिल चोधरी के नेतृत्व में एन.एस.यू.आई. की निम्बाहेड़ा ईकाई व्दारा मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति के नाम सौपें गये ज्ञापन के अवसर पर महाविद्यालय छात्र संघ उपाध्यक्ष विक्रम टेलर, साजन सोनी,पंकज मेनारिया, मनोज परिहार, पीयूष लुहाड़िया, शिवम बंसल,राहुल सेन,कुलदीप झाला, हर्षित मराठा,ललित वैष्णव सहित बड़ी संख्या एन. एस.यू.आई. कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।