आंचल की बहन दिव्यानी बॉस्केटबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी

mewar kiran news

नीमच। फाइटर एयरक्रॉफ्ट चुनी गई आंचल गंगवाल की छोटी बहन दिव्यानी बॉस्के टबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। वे अब तक देश के हर हिस्से में अपनी प्रतिभा के दम पर बॉस्केटबॉल में परचम लहरा चुकी हैं। कई अवॉर्ड जीतने के साथ वे विदेश में भी खेल प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं।

शहर के टी-स्टॉल संचालक सुरेश नामदेव (गंगवाल) और परिजनों को बेटी आंचल की सफलता से प्रदेश ही नहीं, समूचा देश पहचानने लगा है। आंचल ने एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट में सफलता अर्जित की, वहीं उनकी छोटी बहन दिव्यानी (18) भी कुछ कम नहीं। वे बॉस्के टबॉल की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं। 10 से 11 साल की आयु से बॉस्के टबॉल के प्रति दिव्यानी के मन में जुनून और लगन है, इसी की बदौलत वे बॉस्के टबॉल जैसे खेल में देश और विदेश में अपनी धाक जमा चुकी हैं। इनोवेशन बॉस्के टबॉल अकादमी नीमच से प्रशिक्षण लेने के साथ दिव्यानी कई शहरों में बॉस्के टबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं।

अब कॉलेज में प्रवेश

दिव्यानी की स्कू ली शिक्षा 2018 में पूर्ण हो चुकी है। उन्होंने अब कॉलेज में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। दिव्यानी ने वर्ष 2011 तक शिक्षक कॉलोनी के मेट्रो स्कू ल में कक्षा 6ठी तक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद वर्ष 2015 तक स्प्रिंगवुड स्कू ल से कक्षा 10वीं उत्तीर्ण की। फिर कें द्रीय स्कू ल नीमच से कक्षा 11 और 12वीं की पढ़ाई पूर्ण की। हायर सेकंडरी परीक्षा 2018 में ही उत्तीर्ण की। अब कॉलेज में प्रवेश के लिए आवेदन कि या है। प्रवेश की सूची आना शेष है।

2013 में मलेशिया नहीं जा सकी

दिव्यानी अब तक कई प्रतियोगिता और शिविरों में हिस्सा ले चुकी हैं। बॉस्के टबॉल टूर्नामेंट के लिए वर्ष 2013 में दिव्यानी को मलेशिया जाना था, लेकि न विधानसभा चुनाव के कारण उन्हें अनुमति नहीं मिल सकी थी।

अब तक इनमें सहभागिता

दिव्यानी 2011 से बॉस्के टबॉल से जुड़ी हैं। 2012 में कोल्हापुर महाराष्ट्र में प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। 2013 में राजस्थान के गोठन में मैच खेला। बिहार के पटना में ओपन और गुजरात के गांधीनगर में इंटरनेशनल लेवल इंडियन कैंप में भाग लिया। 2014 में आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम और गुजरात के भावनगर में ओपन खेला। उत्तरप्रदेश के नोएडा में इंटरनेशनल कैंप तथा 2016 में छत्तीसगढ़ में इंटरनेशनल कैंप में भाग लिया। 2016 में ही महाराष्ट्र के पुणे में बॉस्के टबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और गोल्ड मेडल जीता। आंध्रप्रदेश के कृष्णा और कर्नाटका के हासन जिले में भी वे खेल चुकी हैं। 2017 में कें द्रीय स्कूल के नेशनल टूर्नामेंट में टीम की कै प्टन रही और गोल्ड मेडल हासिल कि या। पंचकुला (हरियाणा) में नेशनल कैंप की सदस्य रहीं।

मार्गदर्शक और मददगार माता-पिता

आंचल की तरह दिव्यानी का जीवन संवारने में सुरेश नामदेव व पत्नी बबीता की भूमिका अहम रही। उन्होंने टी स्टॉल संचालित कि या। आर्थिक के साथ अन्य तरह के संघर्ष कर दोनों बेटियों के मार्गदर्शक व मददगार बने। दिव्यानी के साथ सुरेश नामदेव हर खेल प्रतियोगिता व कै ंप तक गए और बेटी की हौंसला अफजाई की।