Madhya Pradesh Saral Bijli Bill Yojana ऐसा ही रहा तो जल्द लौट आएंगे ‘चिमनी’ के दिन

मेवाड़ किरण@नीमच -

नीमच. सरकार नई नई घोषणाएं कर देती है। करोड़ों अरबों रुपए का अतिरिक्त भार संबंधित संस्था पर आ जाता है। बाद में इसका खामियाजा उन्हें ही भुगतना पड़ता है जो मुफ्त में योजना का लाभ उठाते हैं। ऐसा ही कुछ बिजली कम्पनी के साथ होने वाला है। पिछले 5 महीने में सरल बिजली बिल योजना (200 रुपए) में करोड़ों रुपए की मुफ्त बिजली का उपयोग लोगों ने किया, लेकिन इसकी एवज में सरकार द्वारा किए गए वादे अनुसार एक रुपया भी बिजली कम्पनी को नहीं दिया गया। जल्द इसका कोई रास्ता नहीं निकाला गया तो बिजली कम्पनी दिवालिया हो सकती है और जनता के लिए पुराने 'चिमनी' वाले दिन लौट सकते हैं।

6 करोड़ 26 लाख 28 हजार रुपए शेष
सरल बिजली बिल योजना लागू हुए पांच माह से अधिक का समय बीत चुका है। जिले में हजारों उपभोक्ता इस योजना का लाभ भी उठा रहे हैं। चौकाने वाली बात यह है कि शासन की ओर से एक रुपया भी अब तक बिजली कम्पनी के खाते में जमा नहीं कराया गया है। जबकि नीमच डिवीजन का ही सवा 6 करोड़ रुपए बन रहा है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड के नीमच डिवीजन में ही 29 हजार 632 उपभोक्ता हैं जो सरल बिजली बिल योजना का लाभ उठा रहे हैं। इन उपभोक्ताओं को प्रतिमाह बिजली बिल जारी भी किए जाते हैं, लेकिन औसत 70 से 75 फीसदी उपभोक्ता ही सरल बिजली बिल योजना के अंतर्गत बिल जमा कराते हैं। शेष में से कुछ अगले महीने बिल जमा कराने हैं, लेकिन इन उपभोक्ताओं की ओर से बिजली कम्पनी पर हर माह बकाया शेष रह जाता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार नीमच डिवीजन में ही पिछले सरल बिजली बिल योजना के अंतर्गत शासन से 6 करोड़ 26 लाख 28 हजार रुपए की राशि लेना शेष है। एक जुलाई से प्रारंभ इस योजना में जुलाई 18 का 77 लाख 47 हजार रुपए, अगस्त में एक करोड़ 19 लाख 8 हजार रुपए, सितंबर में 2 करोड़ 8 लाख 84 हजार रुपए, अक्टूबर में एक करोड़ 18 लाख 50 हजार रुपए और नवंबर 18 माह में एक करोड़ 2 लाख 34 हजार रुपए की राशि शासन से बिजली कम्पनी के खाते में जमा कराई जानी थी, लेकिन एक रुपया भी अबतक खाते में जमा नहीं हुआ है। चौकाने वाली बात यह है कि इन आंकड़ों में हर माह वृद्धि ही होना है। यदि शासन की ओर से बिजली कम्पनी को राशि देने में विलम्ब किया तो कम्पनी के सामने वित्तीय संकट भी खड़ा हो सकता है।

कांग्रेसी वादे का दिखा असर
बिजली कम्पनी की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार नवंबर माह का 29 हजार 632 उपभोक्ताओं को सरल बिजली बिल योजना के तहत बिल जारी किए गए थे। इन उपभोक्ताओं को कुल 89 लाख 59 हजार रुपए के बिल बांटे गए थे। इनमें से 16 हजार 780 उपभोक्ताओं ने 43 लाख 35 हजार रुपए के बिल जमा कराए हैं। बिजली कम्पनी को नवंबर माह का ही 12 हजार 852 उपभोक्ताओं से 46 लाख 24 हजार रुपए की राशि लेना शेष है। नवंबर माह में मात्र 56.63 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ही बिजली बिल जमा कराए हैं। इसके पीछे विधानसभा चुनाव भी एक कारण माना जा सकता है। कांग्रेस ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि बिजली बिल हाफ किया जाएगा। इसके चलते ही नवंबर माह में 200 रुपए प्रतिमाह जमा कराने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में काफी कमी आई।

सिंचाई कनेक्शन वसूली लगे हैं अधिकारी
इस समय खेतों में किसान व्यस्त हैं। उन्हें सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन देने और अवैधानिक रूप से उपयोग की जा रही बिजली चोरी को रोकने में बिजली कम्पनी के अधिकांश अधिकारी कर्मचारी लगे हैं। इस कारण बिजली बिल रिकवरी नहीं हो पा रही है। शासन की ओर से सरल बिजली बिल योजना के तहत पिछले पांच माह की करीब सवा छह करोड़ रुपए की राशि लेना है।
- महेंद्र मेढ़े, संभागीय अभियंता मप्रपक्षेविविकलि