महाप्रभु वल्लभाचार्य की निकली शाही सवारी

 उदयपुर। वैशाख कृष्ण एकादशी पर्व पर गुरुवार को महाप्रभु श्रीमद् वल्लभाचार्य का 541वां प्राकट्योत्सव मनाया गया। इस अवसर पर श्रीनाथ मंदिर से शाम 5.15 बजे शाही शोभायात्रा निकली जिसमें महिलाएं केसरिया वस्त्रों में सजकर मंगल कलश धारण कर चल रही थीं। पुरुष वर्ग पुष्टिमार्गीय परंपरानुसार धोती-बंडी में शामिल हुए। सबसे आगे गजसवार फिर अश्वारूढ़ चल रहे थे। दो सफेद घोड़ों वाली बग्घी में विराजमान महाप्रभु के चित्रपट पर जगह-जगह पुष्प वर्षा हुई। प्रवक्ता हेमंत चौहान ने बताया कि प्रभु की बग्घी को बेंगलुरु से मंगवाए फूलों से सजाया गया।

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बग्घी में विराजित महाप्रभु के चित्रपट की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा जडिय़ों की ओल, घंटाघर, बड़ा बाजार, तीज का चौक, धानमंडी, अस्थल मंदिर चौराहा होते हुए रात 8 बजे श्रीनाथजी मंदिर पहुंची, जहां भक्तों ने भगवान के शयन के दर्शन किए। भक्ति गीतों की धुनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। सभी वैष्णवों को नाथद्वारा से मंगवाई महाप्रसादी वितरित की गई। इस दिन दूध व दूध के उत्पादों से तैयार किए व्यंजनों का भोग धराया गया। शयन के दर्शन के बाद बधाई कीर्तन कनकप्रभा बेटीजी महाराज की मौजूदगी में हुए। इस दौरान जयंती भाई पारिख, राजेश भाई मेहता, कैलाश पुरोहित आदि मौजूद थे।