सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारित कर कार्ययोजना बनाएं

नीमच। खुशियों को कहीं ढूंढने की आवश्यकता नहीं, वह हमारे अंदर ही मौजूद है। प्रसन्नाता के पैमाने धन-दौलत नहीं होते। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के लिए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर कार्ययोजना बनानी चाहिए। परिणाम किसी भी प्रकार का हो, उसे हमेशा सकारात्मक ही लेना चाहिए।

यह बात अफीम एवं क्षारोद कारखाना के जीएम एचएन मीणा ने कही। वे गर्ल्स कॉलेज में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ व व्यक्तित्व विकास प्रकोष्ठ के तहत आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत में प्रो. अमर्त्य सेन ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर जोर दिया है। इसके पूर्व स्वागत भाषण प्राचार्य डॉ. एनके डबकरा ने दिया। संयुक्त राष्ट्र के मानकों के आधार पर भारत का स्थान 2017 में 122वें नंबर पर था, जो 2018 में 133 वें स्थान पर पहुंच गया है। इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने इसके पीछे के निहित कारणों को जानने का आव्हान किया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद प्रकोष्ठ संयोजक डॉ. रश्मि हरित, सदस्य डॉ. देवेश सागर, डॉ. मनीष परमार, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. केपी साहू, अतिथि विद्वान अलका शर्मा, भूपेंद्र नायक, रूपलाल मेघवाल सहित बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद थीं। संचालन डॉ. समता मेहता ने किया। आभार डॉ. बीना चौधरी ने माना।