महिलाओं को दी अष्टपद साधना व गर्भ संस्कार ध्यान की जानकारी

कपासन । आनंदतीर्थ अर्हम गर्भ संस्कार की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनीता छपवाने के सानिध्य में गर्भ संस्कार ध्यान शिविर अंबेश भवन मे आयोजित हुआ, जिसमें महिलाओं को गर्भस्थ शिशु को संस्कारवान बनाने की जानकारी दी व बताया कि जो कार्य भगवान व गुरु नहीं कर सकते वो मां कर सकती हैं। पांच अष्ट पद की साधना की जानकरी भी दी गई।


स्थानीय अंबेश भवन में आयोजित एक घंटे के गर्भ संस्कार एवं साधना शिविर में आनंदतीर्थ अर्हम गर्भ संस्कार की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनीता छपवाने ने उपस्थित महिलाओं को बताया की गर्भावस्था में मां की संपूर्ण क्रिया, व्यवहार, आचरण, खान पान आदि का सीधा असर गर्भस्थ शिशु पर पड़ता हैं व शिशु का भविष्य की यही से शुरुआत हो जाती हैं। इस प्रकार शिशु का भविष्य निर्माण पूरी तरह मां के हाथ में ही होता हैं। उन्होंने बताया की गर्भावस्था में पांच अष्ट पद की श्रद्धा पूर्वक साधना करें तो शिशु महापुरुष एवं तीर्थंकर भी बन सकता हैं। उन्होंने बताया कि पांच अष्ट पद में सफेद अष्ट पद ज्ञान के लिए एलाल अष्ट पद श्रद्धा के लिए एपीला अष्ट पद आभामंडल के लिए एहरा अष्ट पद रिलेशन को मजबूत करने के लिए व नीला अष्ट पद लाइफ की प्लानिंग के लिए है। इन पांचों अष्ट पदों को रख कर बारी-बारी से नवकार मंत्र के साथ श्रद्धा पूर्वक साधना करने से शरीर स्वस्थ बलवान, ज्ञानवान, गुणवान ऊर्जावान बनता हैं।

शिविर में चंदनबाला महिला मंडल की अध्यक्ष लाड लोढ़ा, साधुमार्गी संघ की महिला मंडल अध्यक्ष किरण चंडालिया, तेरापंथ की महिला मंडल अध्यक्ष लाड गोखरू, मंदिर मार्गी संघ की महिला मंडल अध्यक्ष मंजु सेठ, मीना पानगडिय़ा, विमला सांवला, सुनीता सांवला, प्रफुल्ल खाब्या, अरूणा आंचलिया, शांता चंडालिया, जागृति लोढ़ा, पुष्पा लोढा, मुना लोढ़ा, अंजली चंडालिया, सुधा चंडालिया, कांता दिलीवाल, मीना दुग्गड, भावना बोहरा, जतन बाफना, तारा चोपड़ा, मोनिका शर्मा आदि उपस्थित थीं।