लौट आई लोकेश की दिल की धड़कनें

बागौर।  राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मांडल टीम के प्रयास से बागौर के एक छात्र को नया जीवन ही नहीं मिला बल्कि हृदय के ऑपरेशन के बाद वह अब पूरी तरह स्वस्थ हो गया है। बालक के परिवार ने टीम के प्रति आभार जताया है।

राष्टीय बाल स्वाथ्य कार्यक्रम की मांडल टीम के फार्मासिस्ट रवि प्रकाश ओझा ने बताया कि बागौर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के कक्षा 6 के छात्र लोकेश रेगर पुत्र रामलाल रेगर, उम्र 13 वर्ष  को जन्मजात कंजाइटल हार्ट डिजीज(दिल में छेद) की बीमारी से पीड़ित था। लोकेश सामान्य बच्चो की तरह जीवन नही जी पा रहा था। उसको चलने -फिरने , खड़े रहने में बहुत तकलीफ होती थी, साँस उखड़ने लग जाती थी।
लोकेश खुद अपने पैरों पर चल के विद्यालय भी नही जा पा रहा था। लोकेश की पढ़ाई भी बाधित हो रही थी। लोकेश के पिता ने उसे अहमदाबाद भी अस्पतालों में दिखाया , परन्तु 3-4 लाख का खर्चा बताया। लोकेश के पिता आर्थिक स्थिति भी ठीक नही होने के कारण वो इलाज का खर्चा उठाने में सक्षम नही होने से परिवार की मुश्किलें और बढ़ गयी । अब लोकेश के जीवन पे मौत का साया मंडराने लग गया।
तभी लोकेश के विद्यालय में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की  टीम बच्चो का स्वाथ्य परीक्षण करने के लिये आयी। तब लोकेश को उन्होंने निःशुल्क ईलाज के लिये महात्मा गाँधी अस्पताल भिलवाड़ा के लिये रैफर किया।
जहाँ लोकेश की निः शुल्क जाँच की गयी और फिर लोकेश को जयपुर के प्रसिद्ध अस्पताल नारायण ह्रदयालय चिकित्सालय में ले जाया गया और 18 जनवरी 2018 को उसका निःशुल्क ऑपरेशन किया गया । अब लोकेश बिल्कुल स्वस्थ है। राष्ट्रिय बाल स्वाथ्य कार्यक्रम की टीम  लोकेश के माता-पिता से दुबारा मिलने गए तो लोकेश के परिवार वालो और गाँव वालों ने सरकार और टीम का बहुत आभार व्यक्त किया। अब लोकेश के परिवार वाले खुश है।
राष्ट्रिय बाल स्वाथ्य कार्यक्रम की मांडल टीम के फार्मासिस्ट रवि प्रकाश ओझा ने बताया कि इस टीम  में डॉ शिवानी सामरिया, डॉ दिनेश शर्मा, मेल नर्स अनुभव जोशी, फीमेल नर्स शोभना बैरवा, फार्मासिस्ट रवि प्रकाश ओझा सब ने मिल के कार्य किया।