किसानो ने भरी हुंकार मार्फिन के आधार पर अफीम के पट‌्टे देने के विरोध में हजारों किसानों ने किया प्रदर्शन,शहर में लग गया ट्रैफिक जाम

नईअफीम नीति में पटटे देने का नियम औसत उपज की बजाय मार्फिन बेस करने से उद्वेलित किसानों ने आंदोलन की हुंकार भर दी। सोमवार को सैकड़ों किसानों ने कलेक्ट्रेट पर धरना मानव श्रृंखला बनाते हुए रास्ते बंद कर दिए। करीब पौन घंटा जाम से शहर में यातायात प्रभावित रहा। नई नीति से अकेले इस जिले में करीब चार हजार से अधिक किसानों के पटटे कटने वाले हैं।

चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और प्रतापगढ़ जिलों के किसान सोमवार को कलेक्ट्रेट चौराहा पर जमा हुए। भारतीय किसान संघ के बेनरतले सभा के बाद मानव श्रृंखला बनाकर चौराहा जाम कर दिया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष रतनसिंह गंठेडी, प्रांत युवा प्रमुख सोहनलाल आंजना, प्रांतीय उपाध्यक्ष बद्रीलाल जाट सोपुरा आदि के नेतृत्व में धरना दिया। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर इंद्रजीतसिंह को केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

इसमें नीति में संशोधन करने पूर्व में रोके गए पटटे बहाली की मांग की गई। सभा को उपाध्यक्ष नानालाल धाकड़, प्रतापगढ़ के पन्नालाल डांगी, अफीम विकास समिति के संरक्षक मांगीलाल मेघवाल, संघर्ष समिति चित्तौड़-भीलवाड़ा के संयोजक मदनलाल जाट सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। नारकोटिक्स आफिस में पटटा वितरण की तैयारियां शुरू हो गई है। कोटा में डीएनसी की मौजूदगी में बैठक से लौटे अधिकारी नए नियम में पात्र किसानों को चिन्हित कर सूचियां बनाने में जुटे हुए हैं।

 

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