क्या विकास की बाट जोह रही झाड़ोल की जनता सिखाएगी राजे सरकार को सबक?

झाड़ोल – आदिवासी बहुल झाड़ोल विधानसभा मेवाड़ के उदयपुर जनपद में विकास के लिहाज से सबसे पिछड़ा इलाका है। दक्षिणी राजस्थान के झाड़ोल की सीमा गुजरात के आदिवासी बहुल इलाके को छूती है। जिसकी वजह से यहां से आदिवासियों और गुजरात के जनजातीय समुदायों में सांस्कृतिक समानता देखने को मिलती है।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार ने आदिवासी अंचल झाड़ोल का विकास उतना नहीं किया कि गौरव किया जा सके शायद यही वजह रही कि वसुंधरा ने इस क्षेत्र में गौरव यात्रा रथ के बजाय हैलीकॉप्टर से तय किया।

झाड़ोल के पिछड़ेपन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा जब झाड़ोल में सड़क मार्ग से होनी थी तब यात्रा का प्लान बदलकर मुख्यमंत्री रथ से झाड़ोल न पहुंचकर हेलिकॉप्टर से पहुंचीं। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि जब वसुंधरा सड़क मार्ग से आएंगी तब उन्हें क्षेत्र की वास्तविकता का पता चलेगा। झाड़ोल के आकोदड़ा बांध में पर्याप्त पानी होने के बावजूद गर्मी में ग्रमीणों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। जिस क्षेत्र में बांध है, वहां के ग्रामीणों को पानी नहीं मिलता।

उदयपुर की झाड़ोल विधानसभा संख्या 150 एक सुरक्षित अनुसूचित जनजाति सीट है। इस सीट पर कुल आबादी का 83।46 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति जबकि 1।87 प्रतिशत अनुसूचित जाती हैं। 2017 की वोटर लिस्ट के अनुसार कुल मतदाताओं की संख्या 1,87,210 है और 279 पोलिंग बूथ हैं।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में झाड़ोल विधानसभा में 80।85 फीसदी मतदान हुआ था। जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान 72।9 फीसदी मतदान हुआ था।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का अभिवादन करती जनता

2013 विधानसभा चुनाव का परिणाम

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हीरालाल दरांगी ने बीजेपी के पूर्व विधायक बाबूलाल खराड़ी को 4684 मतों से पराजित किया। बीजेपी के हीरालाल को 67354 और कांग्रेस के बाबूलाल को 62670 वोट मिले थे।

2008 विधानसभा चुनाव का परिणाम

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में परिसीमन के बाद पहली बार बनी इस झाड़ोल विधानसभा में बीजेपी के बाबूलाल खराड़ी ने कांग्रेस के हीरालाल दरांगी को 7319 मतो से शिकस्त दी। बीजेपी के बाबूलाल खराड़ी को 46654 और कांग्रेस के हीरालाल दारंगी को 39335 वोट मिले थे।

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