GROUND REPORT : शराब पिलाकर वोट पाने की जुगत में ‘नेताजी’

राजसमंद. कच्ची झुग्गी झोपडिय़ों में रहने वाले तंगहाल मतदाता नेताजी का पक्का वोट बैंक है। रोजगार, स्वरोजगार का प्रबंध हो या न हो, मगर उनके परिवार के हर एक सदस्य का मतदाता सूची में नाम जरूर नेता जुड़वा देते हैं। मतदान दिवस से पहले कई गांव-ढाणियों में लोगों को शराब पिलाकर मदहोश करते हुए नेताओं ने अपने अपने पक्ष में वोट बटोरने का प्रलोभन दे दिया। जैसे ही पत्रिका ने राजनेताओं के प्रलोभन का सवाल किया, तो ज्यादातर ने चुप्पी साध ली, तो कुछ लोग चलते बने और कुछ बोले कि चुनाव में सब मान मनुहार करते हैं और हम भी बहती गंगा में हाथ धो लेते हैं। प्रलोभन जरूर है, मगर वोट तो हम हमारी मर्जी से ही देंगे। हालांकि गांव- ढाणियों में कार्यकर्ता वोटर की संख्या बताते रहे और उसी अनुरुप माल (शराब, भोजन) मंगवाते रहे। इस तरह मतदाताओं को अपने अपने पक्ष में करने के लिए राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों या समर्थकों द्वारा जोड़-तोड़ व समझाइश का दौर गुरुवार देर रात तक चलता रहा।

नेता देइ ग्या, म्हाणे पीवा रो टेम है
भाणा से भावा मार्ग पर मुड़ते ही कच्ची बस्ती में एक वृद्ध व युवक शराब पीते दिखे तो पत्रिका टीम पहुंची, तो दोनों सकपका गए। तभी पूछा बियर मिलेगी क्या ? तब वे दोनों सामान्य हुए। वृद्ध बोला- ये तो आपणी बिरादरी रा है। बोलो- काई चावे, हम बोले- नेताजी रो दारू खतम वेइ ग्यो। अबे अठे कोई दारू राके काई। वृद्ध बोला- अबाणु तो नेता खूब लेइन आइ रीया। हमने पूछा- आप कने वोट देवो। वृद्ध बोला- वोट तो म्हारी मर्जी वेई जने देऊं, पण अबाणु तो माल लेवा रो अर पीवा रो मौको है। नेता देइ ग्या, जो पैक लगाई रीया हां। वृद्धा बोला- साब आप कटाऊं आया हो, तो हम बोले- अखबार वाळा (पत्रकार) हां। यह कहते ही बोतल छुपा दी और बोले- एक बोतल अबाणु देइन ग्या है। म्हां गरीब हां, म्हाणो फोटु मती खींचजो... यह कहते हुए दोनों उठकर चलते बने।

कजरी पे चाल्या जावो
भावा में कुछ युवक बाइक पर खड़े थे, तभी मोबाइल पर बात करते हुए हम भी उनके पास जाकर खड़े हो गए। तभी एक युवक बोला- अरे भाईसाब पीवा री व्यवस्था कठे है। तभी पार्टी की झंडी लगी बाइक के साथ खड़े युवक ने कहा- जो भी अपने हो, उन्हें कजरी पे ले जावो। जो चाई, जतरो जावेगा, वतरो मली जाइ। यह कहते ही बाइक स्टार्ट कर चलता बनता। वे सभी युवक साथियों की गिनती करते हुए चलते बने। तभी एक युवक बोला- कजरी क्या। तभी दूसरा बोला- तू चुपचाप बाइक पर बैठ जा। इस तरह कोड वर्ड में युवकों को शराब का प्रलोभन दिया जा रहा है।