DECISION : पत्नी की हत्या कर घर के आंगन में दफनाने वाले पति को आजीवन कारावास की सजा

लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद

अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश (ADJ) बुलाकीदास व्यास ने तीन साल पहले पत्नी की हत्या कर शव को घर के ही आंगन में दफनाने के मामले में उसी के पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (life sentence awarded to husband) की सजा सुनाई।

न्यायिक सूत्रों के अनुसार मजेरा निवासी सरिता जैन की हत्या के मामले में न्यायालय द्वारा उसी के पति चांदमल खाब्या के विरुद्ध केलवाड़ा पुलिस द्वारा चालान पेश किया गया। लोक अभियोजक प्रदीप सांचीहर द्वारा दस्तावेजी साक्ष्य व गवाहों को पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सरिता की हत्या करने पर उसके पति चांदमल खाब्या को दोषी करार दिया। इस पर धारा 302 में आजीवन कारावास व 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी तरह धारा 201 में 3 वर्ष के साधारण कारावास व तीन हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया।

यह था मामला
मजेरा निवासी चांदमल खाब्या ने उसी की पत्नी सरिता के लापता होने की 1 जून को केलवाड़ा थाने में रिपोर्ट दी। पुलिस बयान लेने पहुंची, तो चांदमल हड़बड़ा गया और स्पष्ट जवाब नहीं दिए। इसके साथ ही वह घर से फरार हो गया। पुलिस ने सरिता के बारे में ग्रामीणों से पूछने पर आंगन में खड्डा खुदवाने व गर्भवती होने के बाद पत्नी के घर से बाहर नहीं आने की बात सामने आई। पुलिस ने 5 जून 2016 को चांदमल के घर पहुंच आंगन की खुदाई करवाई, तो महिला का क्षत विक्षत शव मिला। उल्लेखनीय है कि वारदात से करीब ढाई साल पहले 21 अक्टूबर २०१३ को ही चांदमल खाब्या ने सरदार शहर (चुरू) निवासी सरिता पुत्री विजयसिंह बोरड़ से कोर्ट मैरिज की। तब से चांदमल मजेरा में ही रह रहे थे और जैसे ही सरिता गर्भवती होने लगी, तो उसे घर से बाहर नहीं निकलने दिया। पत्नी के साथ मारपीट करने की भी बात सामने आई। Court at Rajsamand