Corruption New घटिया निर्माण का नपा ने किया लाखों रुपए का भुगतान

मेवाड़ किरण@नीमच -

नीमच. नगरपालिका परिषद का एक ओर भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। इस बार फ्रूट मार्केट से फव्वारा चौक के बीच हुए घटिया सीसी रोड निर्माण का आर्थिक घोटाले सामने आया है। नपा अधिकारियों ने आनन फानन में लाखों रुपए का भुगतान बिना परिषद की स्वीकृति के कर दिया गया है। चौकाने वाली बात तो यह है कि बिना परिषद की स्वीकृति के ठेकेदार को भुगतान किया गया है।

घटिया निर्माण छुपान कर दिया था डामरीकरण
नगरपालिका परिषद ने 3 मार्च 2017 को परिषद के विशेष सम्मेलन में फू्रट मार्केट से फव्वारा चौक के बीच सीसी रोड निर्माण कार्य का प्राक्कलन राशि 32 लाख 81 हजार रुपए का तैयारकर परिषद में बगदीराम राठौर की 23.99 प्रतिशत कम की दर न्यून होने से निकाय उपयंत्री एवं सहायक यंत्री द्वारा दर स्वीकृति की अनुशंसा की गई थी। विचार विमर्श और सर्वसम्मति के बाद प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए ठेकेदार को 24 लाख 93 हजार 888 रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई थी। ठेकेदार द्वारा फू्रट मार्केट से फव्वारा चौक के बीच सीसी रोड बनाया भी गया था, लेकिन कार्य की गुणवत्ता काफी निम्न स्तर की थी। इसकी शिकायत भाजपा पार्षद राजेश अजमेरा ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, मंत्री नगरीय विकास एवं आवास, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास आदि को की थी। शिकायत के बाद ठेकेदार ने घटिया निर्माण छुपाने के लिए सीसी रोड पर ही डामरीकरण करवा दिया था।

नपा अधिकारियों की लापरवाही हुई उजागर
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग उज्जैन के कार्यपालन यंत्री प्रदीप निगम, अधोसंरचा विशेषज्ञ आर्बी एसोसिएशन आर्किटैक्ट इंजीनियर एंड कंसल्टेंट प्रालि भोपाल एसके बहरे आदि ने 7 अगस्त 2018 को जारी अपनी जांच रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की थी कि सीसी रोड एम-30 मानक स्तर की होना थी, लेकिन एम-15 स्तर की पाई गई। सीसी रोड का कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं पाया गया। ऐसे में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई किया जाना उचित होगा। जहां तक भुगतान का प्रश्न है तो ठेकेदार को एम-15 स्तर का किया जा सकता है। अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा है कि कार्यादेश 27 मई 2017 को दिया गया था। वित्तीय स्वीकृति परिषद संकल्प क्रमांक 38 दिनांक 13 मार्च 2017 से दी गई। इससे स्पष्ट होता है कि वित्तीय स्वीकृति के उपरांत की वर्क आर्डर दिया गया है। इस कार्य में पर्यवेक्षण अधिकारी, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, सहायक यंत्री एवं उपयंत्री की लापरवाही दर्शित होती है।

विधानसभा में उठा था मामला
भाजपा पार्षद राजेश अजमेरा ने बताया कि फू्रट मार्केट से फव्वारा चौक के बीच हुए घटिया सीसी रोड निर्माण और बिना जांच के ठेकेदार को नगरपालिका द्वारा राशि का भुगतान कर दिए जाने का मामला विधायक दिलीपङ्क्षसह परिहार द्वारा विधानसभा में भी उठाया गया था। इसके आधार पर भी जांच हुई थी। अजमेरा ने बताया कि नगरपालिका अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य की दर स्वीकृति के दौरान ही वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति परिषद से ली जाती है जो कि नियमानुसार गलत है। इसी प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति को बाद में माध्यम बनाकर ठेकेदार के घटिया निर्माण कार्य का भी नगरपालिका द्वारा भुगतान कर दिया जाता है। जबकि नियम अनुसार ठेकेदार को निर्माण कार्य की राशि भुगतान का प्रस्ताव पहले नपा परिषद के समक्ष रखा जाना चाहिए। फव्वारा चौक से फ्रूट मार्केट के सीसी रोड निर्माण कार्य का करीब 25 लाख रुपए का भुगतान बिना परिषद की स्वीकृति के कर दिया गया है। यह भारी आर्थिक अनियमितता है। इसकी शीघ्र ही कलेक्टर और शासन स्तर पर इस आर्थिक घोटाले की शिकायत की जाएगी। साथ ही मैं नपा के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो इसके लिए नगरीय प्रशासन मंत्री से भी मिलूंगा।

डामरीकरण करना जल्दबाजी थी
सीसी रोड पर डामरीकरण करना ठीक नहीं रहा है। लेकिन आसपास के दुकानदारों और नपा अधिकारियों ने उसपर इतना दबाव बना दिया था कि उसने नकद राशि देकर सीसी रोड पर डामरीकरण करवाया है। जहां तक भुगतान का प्रश्न है तो ठेकेदार को भुगतान नहीं किया है।
- संजेश गुप्ता, मुख्य नगरपालिका अधिकारी

ठेकेदार से की जाएगी रिकवरी
फव्वारा चौक से फू्रट मार्केट के बीच सीसी रोड निर्माण कार्य की शिकायत हुई थी। ठेकेदार की राशि रोक ली है। यदि अधिक भुगतान कर दिया गया होगा तो ठेकेदार से रिकवरी की जाएगी। जहां तक नपा अधिकारियों की लापरवाही उजागर होने की बात है तो उनपर भी कार्रवाई करेंगे।
- राकेश पप्पू जैन, नपाध्यक्ष