मानसून पूर्व की अच्छी बारिश प्रतापगढ़ में 5 इंच तो पीपलखूंट उपखंड में 103 एमएम बारिश

mewar kiran news

जिले में मंगलवार आधी रात से शुरू हुई बारिश बुधवार सुबह तक चली। बारिश का पहला दौर ही पूरे जिले को तरबतर कर गया। पहली ही बारिश में जिले के कई नदी-नाले उफान पर आ गए तो कई एनीकट लबालब होकर छलक गए। जिले के प्रसिद्ध भंवरमाता के झरने से भी पहली बारिश में जलधारा फूट पड़ी। बीती रात में प्रतापगढ़ उपखंड में सबसे अधिक 120 एमएम बारिश हुई। वहीं सबसे कम 43 एमएम बारिश छोटीसादड़ी उपखंड में हुई। रात भर हुई बारिश के बाद बुधवार सुबह 11.30 बजे तक रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा। बारिश के कारण शहर सहित गांवों की बिजली व्यवस्था एक बार फिर ठप हो गई।

मंगलवार रात को हुई बारिश के बाद शहर के एनीकट, नदी, नाले भी उफान पर रहे। शहर के इंद्रा कॉलोनी वाली पुलिया, गौतम नगर पुलिया, गौतम नगर एनीकट, गुप्त गंगा में बना एनीकट और बांसवाड़ा रोड स्थित पुलिया से तेज बहाव के साथ पानी बहा। वहीं शहर के कई इलाकों में नालियों की सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा।

पारसोला: कस्बा बना टापू, सड़क पर दो-दो फीट तक पानी

बीती रात हुई बारिश से क़स्बा टापू में तब्दील हो गया। वन नाका बस स्टैंड से मांडवी चौराहा तक सड़क पर दो-दो फीट पानी बहने लगा। वहीं कस्बे की कई दुकानों में पानी भर जाने से दुकानों में कीचड़ जमा हो गया। नालियों की सफ़ाई नहीं होने से यह हालात बने। ग्राम पंचायत द्वारा बनाया जा रहा नाला बस स्टैंड से गोरियां आंबा को अधूरा छोड़ने से कस्बे के कई दुकानदार परेशान रहे।

पारसोला

छोटीसादड़ी. बीती रात हुई बारिश के बाद धोलापानी क्षेत्र में जाखम नदी पर चली चादर।

छोटीसादड़ी : पहली बारिश में दो घंटे तक मध्यम गति से गिरा भंवरमाता का झरना

बीती रात हुई बारिश के बाद भंवरमाता में 70 फीट ऊंचाई से गिरने वाले जल प्रपात से भी जल धाराएं बह निकली। इधर नगर की कच्ची बस्ती में बने कच्चे मकानों में पहली बारिश के बाद पानी रिसने से लोग अपने घरों को ठीक करने में जुट गए। गोमाना गांव में कई रास्तों पर पानी भरने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गांव के धोलापानी स्थित जाखम को जाने वाली नदी में पानी के तेज बहाव के कारण क्षेत्र की पुलियाओं पर चादर चलने के साथ एनीकट में भी पानी की आवक हुई। अंबावली ग्राम पंचायत स्थित चंडीमाता एनीकट पर भी मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश बाद चादर चलने से लोगों में पानी को देखने की उत्सुकता रही।

अरनोद : चार घंटे मे 2 इंच बारिश, नदी-नालों में पानी बहा

कस्बे व आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार रात 3 बजे से आई बारिश से कई नदी नालों में पानी बह निकला। 3 बजे तेज बारिश आने के बाद सुबह 8 बजे तक रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा । तहसील कार्यालय के अनुसार उपखंड क्षेत्र में 55 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से गलियों, सड़कों, नालियों में पानी बह निकला।

पारसोला में दुकानों में पानी भरा, ऐराव नदी में बहाव शुरू, दर्जनों गांवों की बिजली गुल

अरनोद

घंटाली

घंटाली : बारिश से नदी नाले आए उफान पर, एेराव नदी चली

घंटाली। पीपलखूंट उपखंड के लगभग सभी गांवों में मंगलवार रात 12 बजे से शुरू हुई बारिश से सभी छोटे-बड़े नाले उफान पर आ गए। रात 12 बजे से शुरू हुई बारिश सुबह 9 बजे तक चली। बारिश के बाद पहाड़ी क्षेत्र में बुवाई का काम शुरू कर दिया गया है। निचले क्षेत्रों में खेतों में भरे पानी के कारण चार-पांच दिन तक बुवाई नहीं हो सकेगी। तेज बारिश से ऐराव नदी में भी पानी बह निकला।

दलोट : बारिश में टूटी श्मशान की दीवार, सड़कों पर बहा पानी

कस्बे में सुबह तक हुई तेज बारिश से श्मशान घाट पर बनाई गई दीवार गिर गई। कस्बे के मुख्य बाजारों में नालियों की सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से कस्बे के हाटचौक, गणेश मंदिर चौराहा सहित विभिन्न स्थानों पर सड़कों पर कीचड़ फैल गया।

दलोट

जिले में बारिश की स्थिति

जिले में 1 जून से लेकर अब तक कुल 119.60 एमएम बारिश हो चुकी है। इसमें प्रतापगढ़ उपखंड में अब तक 215, अरनोद 102, छोटीसादड़ी 136, धरियावद 86 व पीपलखूंट में 181 एमएम बारिश हो चुकी है। मंगलवार रात को प्रतापगढ़ उपखंड में 120, अरनोद 55, छोटीसादड़ी 43, धरियावद 53 व पीपलखूंट में 103 एमएम बारिश दर्ज की गई।

मूंगाणा. बीती रात हुई बारिश में हनुमान सागर तालाब भरने के बाद क्षतिग्रस्त पाल से निकलता पानी।

प्रतापगढ़

मूंगाणा : स्कूल के मैदान में भरा पानी, तालाब की पाल हुई क्षतिग्रस्त

क्षेत्र में मंगलवार रात को हुई तेज बारिश से नदी-नाले उफान पर रहे। जगह-जगह पानी भरने से लोगों को परेशान होना पड़ा। राजकीय माध्यमिक स्कूल लिंबरवाड़ा में मैदान में पानी भरने से विद्यार्थियों और अध्यापकों को परेशान होना पड़ा। पहली बारिश के बाद ही क्षेत्र में बिजली समस्या भी शुरू हो गई है। हनुमान सागर तालाब की पाल क्षतिग्रस्त होने के कारण पहली बरसात में ही लाखों लीटर पानी व्यर्थ बहकर निकल गया। विगत कई वर्षों से पाल क्षतिग्रस्त होने के बाद भी प्रशासन और ग्राम पंचायत के ध्यान नहीं देने से पहली बारिश में ही लाखों लीटर पानी बह गया। आदर्श तालाब योजना और मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना में भी क्षतिग्रस्त पाल का निर्माण नहीं हो पाया।