9 माह बाद बच्ची को देख मां-बाप की छलकी आंखें…एमपी व गुजरात के बीच बिचौलियों के चंगुल में फंसी

मो. इलियास/उदयपुर/फलासिया. से सहेली के साथ मजदूरी के लिए गई 14 वर्षीय नाबालिग गुजरात व मध्यप्रदेश में बिचौलियों के फंसते हुए 9 माह बाद मिल पाई। बच्ची के एकाएक सामने आते ही मां-बाप की आंखें छलछला गई। बच्ची तीन माह तक कहां थी, उसके साथ क्या हुआ उसको लेकर अभी उसने मुंह नहीं खोला लेकिन वह अपने अंदर अभी गहरे राज छिपाए बैठी है। पुलिस व परिजन उससे काउंसलिंग कर रहे है, बच्ची के बयानों के बाद ही राज खुल पाएंगें। फलासिया के आमलिया गांव से नाबालिग अपने सहेली के साथ गुजरात मजदूरी के लिए गई थी। उसकी सहेली तो गांव में आ गई लेकिन वह नहीं लौटी। पूछताछ में बच्ची के अहमदाबाद में होने की जानकारी मिली। परिजनों ने वहां तलाश की लेकिन पता नहीं चला। गांव आकर परिजनों ने फलासिया थाने में मामला दर्ज करवाया। पुलिस मामले में परिवादी के साथ कई बार गुजरात गई वहां से मध्यप्रदेश में होने की जानकारी मिली। टीमों ने वहां भी तलाश किया लेकिन पता नहीं चला। परेशान परिजनों ने इसकी शिकायत आईजी व एसपी से भी की। हरकत में आई पुलिस ने बाद में टीम का गठन किया। थानाधिकारी उम्मेदीलाल, कांस्टेबल हितेन्द्रसिंह, शंकरलाल को अहमदाबाद गई।

गुजरात से की बरामद

पुलिस साइबर सेल की मदद से लोकेशन निकाली तो अहमदाबाद में ही मिली। पुलिस ने उससे बातचीत करने वाले पवन कोली को टटोला तो उसके मध्यप्रदेश के मुरैना में होने का पता चला। एक टीम वहां पहुंची तो आरोपी मोबाइल बंद कर वापस गुजरात आ गया। पूछताछ में किशोरी के वहां आठ माह तक रहने की जानकारी मिली। पुलिस की टीम वापस लोकेशन के आधार पर गुजरात पहुंचकर कर किशोरी को बरामद की। पुलिस ने बाल कल्याण समिति के आदेश पर एक बार बालिका को उसके पिता के सुपुर्द किया।