9 उपवास कर पाँच तस्विनी बहनों का निकाला भव्य वरघोड़ा

मेवाड़ किरण @ नीमच -

अपना जीरन @ लाला भट्ट
जीरन नगर में जीवन जागृति चातुर्मास अंतर्गत श्री रसिकलाल एम् धारीवाल जैन आराधना भवन जीरन में परम पूज्य सागर समुदायवर्तनी साध्वीवर्या अर्पितगुणा श्री जी महाराज साहब की निश्रा में चल रहे चातुर्मास में तपस्या एवं भक्ति के नित नए आयाम लिखे जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज 9 उपवास की तपस्विनी बहनों खुशी मोगरा, चीना भामावत, श्रद्धा मेहता स्तुति दक, एवं छवि मोगरा का भव्य वरघोड़ा संपन्न हुआ। इन बहनों ने पूर्व में चंदनबाला के तेले की तपस्या करी थी, किंतु पारणा नहीं किया और अपने तप में आगे बढ़ी थी। आज उनकी 9 उपवास की तपस्या पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वरघोड़ा एवं रथ यात्रा का आयोजन श्री संघ जीरन द्वारा किया गया। साथ ही तपस्या करने वाली बहनों के परिवार द्वारा सकल श्री संघ का स्वामी वात्सल्य आयोजित किया गया तपस्या का वरघोड़ा प्रातः 8:30 बजे प्रारंभ हुआ नगर के विभिन्न मार्गो से होता हुआ जैन मंदिर पहुंचा। नगर में कई जगहों पर तपस्वीओं का बहुमान किया गया। जैन मंदिर पर सर्वप्रथम परमात्मा की आरती तथा उसके पश्चात नूतन आराधना भवन में तपस्वी बहनों का गुणानुवाद उपस्थित महानुभावों ने किया। परम पूज्य मंत्र निधि श्री जी महाराज साहब ने मधुर स्तवन के द्वारा तपस्या की अनुमोदना की, उसके पश्चात परम पूज्य अर्पित गुणा श्री जी महाराज साहब ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि क्रिया के साथ किया गया तप कर्मों की निर्जरा करता है। कर्म रूपी सिंह को मारने के लिए तप रूपी अग्नि की आवश्यकता होती है इसलिए कर्मों की निर्झरा के लिए तप करना आवश्यक है पूज्या श्री ने बताया कि दिनांक 2 अगस्त से आराधना भवन में नवकार की स्थापना एवं नवकार की आराधना प्रारंभ की गई है जिसके अंतर्गत 2 अगस्त से 10 अगस्त तक अखंड नवकार महामंत्र के जाप देश की समृद्धता, समरसता एवं खुशहाली के लिए लगातार 24 घंटे 9 दिनों तक जारी रहेंगे इसके साथ लगभग 55 से 60 आराधक 9 दिनों तक नवकार के एकासना करेंगे तत्पश्चात नमस्कार महामंत्र का वरघोड़ा निकाला जाएगा मंगल प्रवचन के बाद सकल श्री संघ का स्वामी वात्सल्य आयोजित किया गया उक्त जानकारी नवरत्न परिवार के मध्य प्रदेश उपाध्यक्ष ललित भामावत ने दी।

Source : Apna Neemuch