अपने ही प्रतिनिधियों का 130 मिनट तक इंतजार करती रही जनता

नीमच। अपने ही चुने प्रतिनिधियों का जनता को करीब 130 मिनट से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। जनप्रतिनिधियों की इस देरी के कारण उन्हें भोजन के पैके ट ठंडे ही नसीब हो सके ।

शहर के सीएसी अग्रोहा मांगलिक भवन में मंगलवार को जनपद पंचायत नीमच ने उपखंड स्तरीय अंत्योदय मेला आयोजित किया। गोमाबाई रोड स्थित आयोजन स्थल पर मेले की शुरुआत सुबह करीब 11 बजे होना थी। जनपद पंचायत सीईओ और डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहोर और टीम अलर्ट थी। हितग्राही भी पहुंच चुके थे, लेकि न इसके बाद शुरू हुआ इंतजार का सिलसिला। जनता को अपने ही चुने जनप्रतिनिधि विधायक तथा जनपद अध्यक्ष के आने का करीब दो घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा। तय समय से करीब 130 मिनट की देरी से विधायक दिलीपसिंह परिहार व जनपद अध्यक्ष जगदीश गुर्जर पहुंचे। अन्य जनप्रतिनिधि पहुंचे। इसके बाद मेले की शुरुआत हुई और जनता में शामिल हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल सका। इसके कारण लोग परेशान होते रहे। उन्होंने भोजन के पैके ट में ठंडा खाना नसीब हो सका। लोग जनप्रतिनिधियों को कौसते नजर आए। जनप्रतिनिधियों के लंबे भाषण के कारण भी जनता खुद को असहज महसूस करती रही।

ये मंचासीन

जिला पंचायत अध्यक्ष अवंतिका जाट, विधायक परिहार, नगर पालिका अध्यक्ष राके श जैन, जनपद पंचायत अध्यक्ष गुर्जर, उपाध्यक्ष माया नागदा, भाजपा नेता धनसिंह कै थवास, जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव, जनपद पंचायत सीईओ व डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहोर, राजेश पाटीदार, रतन मालावत, नवीन खारोल, भेरुलाल जाट, डीपीओ रेलम बघेल सहित अन्य।

इन्हें योजनाओं का लाभ

मेले में 66 हितग्राहियों को लाभान्वित कि या गया। लाडली लक्ष्मी योजना में 9, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 2, नपा की मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना में 2, मुख्यमंत्री श्रमिक प्रसूति सहायता योजना में 5, प्याज भंडारण गृह बनाने के लिए 3, उज्जवला योजना में 5, मुख्यमंत्री संबल योजना में 11 और नगर परिषद जीरन के 1 हितग्राही को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया है।

कार्ड से नपाध्यक्ष गायब

अंत्योदय मेला शहर में आयोजित कि या गया, लेकि न इसके बाद भी जनपद पंचायत ने नगर पालिका अध्यक्ष राके श जैन के नाम को कार्ड में स्थान नहीं दिया। कार्ड में विधायक, जनपद अध्यक्ष और अन्य के नाम जरुर थे। इसे भाजपा के विधायक व नगर पालिका अध्यक्ष के गुट में चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि इस मामले में अधिकृत रूप से कोई भी कु छ भी कहने को राजी नहीं है।