जलाशयों की जलपरी { मछलियों } के जीवन पर संकट ,तालाबो में मर रही मछलियाँ ……

प्रतापगढ़ – जिले के जलाशयों में इन दिनों मछलियों पर संकट है। कई जलाशयों में मछलियां काल का ग्रास बन रही है। जलाशयों के किनारे मृत मछलियों के कारण बदबू फैलने लगी है। ऐसे में मछलियों की अकाल मौत के कारण मत्स्यपालकों में भी चिंता बढऩे लगी है।

गौरतलब है कि जिले में इस वर्ष 65 जलाशयों में से 32 जलाशयों में मत्स्यपालन के लिए ठेके हुए है।इन जलाशयों में ठेकेदारों ने मत्स्य बीज भी डाले थे।अब मत्स्याखेट का समय भी आ चुका है। वहीं दूसरी ओर जलाशयों में मछलियां काल का ग्रास बन रही है।जिससे ठेकेदारों में चिंता होने लगी है। कई जलाशयों के किनारे मछलियां मृत अवस्था में पड़ी हुई है। इसके पीछे जलाशयों में पानी के अवैध दोहन से बिजली की लाइनें बिछाना माना जा रहा है।बिजली लाइनों से कई बार पानी में करंट फैल जाता है।जिस कारण मछलियों की मौत हो जाती है। अब तक जिले के गादोला, बजंगगढ़, मचलाना में करंट से मछलियों की मौत हो चुकी है। मचलाना बांध में मत्स्य ठेकेदार नरेन्द्र केवट की ओर से अज्ञात के खिलाफ हथुनिया थाने में रिपोर्ट दी है।इस पर पुलिस की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
जिले में जलाशयों की स्थिति

श्रेणी जलाशय पर कुल ठेके 6532

अब तक हो चुकी साढ़े 25 लाख रुपए की आय
जिले में इस वर्ष 32 जलाशयों के ठेके हुए है। इनसे 25 लाख 43 हजार 263 रुपए की आय हो चुकी है।

डेढ़ सौ एमटी का हो चुका उत्पादन
मत्स्य विभाग की ओर से जलाशयों में इस वर्ष 150 लाख बीज डालने का लक्ष्य रखा गया।अब तक 129 लाख बीज डाले जा चुके है। मत्स्यपालक उदयलाल दमामी के अनुसारविभाग की ओर वर्ष 2017-18 के लिए 850 एमटी का लक्ष्य रखा गया है। डेढ़ माह में 154 मेट्रिक टन का उत्पादन हुआ है।