नीमच में हुआ नई अफीम निति का जमकर विरोध

नीमच – केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई अफीम नीति का चौतरफा विरोध हो रहा है। मंगलवार को कांग्रेस ने रैली निकाली, धरना प्रदर्शन किया और केंद्रीय वित्तमंत्री के नाम नारकोटिक्स ब्यूरो उपायुक्त मुख्यालय पर ज्ञापन दिया। जबकि बुधवार को किसान संघर्ष समन्वय समिति एवं किसान सभा द्वारा अफीम नीति का विरोध किया गया। जिला एवं ब्लाक कांग्रेस कमेटी की अगुवाई में भूतेश्वर मंदिर परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित हुए, यहां से रैली के रूप में राजस्व कॉलोनी स्थित केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कार्यालय पहुंचे। जहां ब्यूरो के कार्यालय अधीक्षक आरसी शाह को वित्तमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष नंदकिशोर पटेल ने कहा कि अफीम उत्पादक किसानों को भाजपा नीत केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने कई सपने दिखाए थे। लेकिन आज परिणाम किसानों की भावना के विपरित आए हैं। नई अफीम नीति में प्रति हैक्टेयर अफीम की औसत की बजाय मार्फिन की औसत को आधार बनाया गया है। जबकि सभी जानते हैं अफीम की फसल और गुणवत्ता मौसम पर ज्यादा निर्भर है। इस स्थिति में लगभग १५ हजार किसानों को लाइसेंस से वंचित रहना होगा। ग्रामीण ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष नाथूसिंह राठौड़ ने कहा कि केंद्र और मध्यप्रदेश में काबिज सरकारों ने किसानों को पीड़ा देने का ही काम किया है। व्यापारी, मजदूर, कर्मचारी जैसे हर वर्ग परेशान हो रहे हैं। पूर्व मंडी अध्यक्ष उमरावसिंह गुर्जर ने कहा कि कम बारिश और उपज के उचित मूल्य के अभाव में पहले से ही किसान परेशान हैं। अब अफीम की खेती को भी संकट में डाल दिया गया। कांग्रेस नेता राजकुमार अहीर, जिला पंचायत सदस्य मधु बंसल, विनोद दक, नीलेश रावल, मोहनसिंह जाट आदि ने भी संबोधित किया।

कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय वित्तमंत्री के नाम ज्ञापन नारकोटिक्स उपायुक्त के प्रतिनिधि अधिकारी को सौंपा। जिसमें अफीम नीति में किसान हितों केअनुरूप संशोधन करने की मांग की गई साथ ही केंद्र सरकार को चेताया गया है कि नीति में संशोधन नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
किसान सभा ने भी शुरू किया विरोध-

बुधवार को मप्र किसान सभा एवं किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में अफीम काश्तकार नीमच के भूतेश्वर मंदिर क्षेत्र में एकत्रित हुए। यहां पर नीति के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया गया। केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। नेताओं ने कहा कि बिना किसी अनुसंधान के नई अफीम नीति जारी कर दी गई, जबकि किसानों के हितों को पूरी तरह अनदेखा किया गया है। नेताओं ने चेताया कि यदि किसानों की मांगों को अनदेखा किया गया तो दिल्ली में भी व्यापक विरोध प्रदर्शन होगा। धरना देने के बाद अफीम नीति में संशोधन की मांग को लेकर नारकोटिक्स कार्यालय में प्रभारी अधिकारी को केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन दिया।

व्हाट्सएप्प (WhatsApp) पर शेयर करें