नीमच कृषि उपज मंडीअध्यक्ष और ग्रामीण धोकलखेड़ा में क्रशर प्लांट लगाने के मुद्दे पर हुए आमने-सामने

नीमच। धोकलखेड़ा में क्रशर प्लांट लगाने के मुद्दे पर नीमच कृषि उपज मंडी अध्यक्ष और ग्रामीणों में विवाद की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों के विरोध और प्रतिकार को देख मंडी अध्यक्ष व साथी ने एसपी कार्यालय में आवेदन दिया है। वहीं ग्रामीणों ने विरोध के स्वर बुलंद करते हुए बुधवार को कलेक्टोरेट में धरना देने का ऐलान किया है। उन्होंने क्रशर प्लांट बंद करने की मांग भी रखने का फैसला लिया है।

जीरन तहसील के ग्राम धोकलखेड़ा में कृषि उपज मंडी अध्यक्ष राजू निरंजन तिवारी ने क्रशर प्लांट लगाया है। खनिज विभाग की अनुमति के बाद यह प्लांट शुरू किया गया, लेकिन करीब 45 दिन से प्लांट बंद होने की बात सामने आई है। धोकलखेड़ा के ग्रामीण खेतों में फसल खराब होने का हवाला देकर प्लांट का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों के विरोध और विवाद की स्थिति देख मंडी अध्यक्ष तिवारी तथा साथी कैलाश बैरागी ने एसपी कार्यालय में आवेदन दिया, जिसमें उन्होंने कुछ ग्रामीणों पर अकारण विवाद करने और बाधा डालने का आरोप लगाया। वहीं किसान घनश्याम जाट और विजय जाट सहित अन्य ने बताया कि क्रशर प्लांट से हमारे खेत खराब हो रहे हैं। धूल और पत्थरों के कारण फसल खराब होती है। इतना ही नहीं, ब्लॉस्टिंग से पत्थर उड़कर खेतों में पहुंच रहे हैं। इससे किसानों और श्रमिकों के घायल होने की आशंका रहती है। किसानों का दावा है कि बुधवार को कलेक्टोरेट में प्रदर्शन व धरना देंगे। यदि स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो लगभग 150 से ज्यादा लोग न्यायालय की शरण में जाएंगे।

करीब 25 दिन से क्रशर प्लांट बंद है। नियमों के दायरे में प्लांट लगाने की अनुमति दी गई। करीब 1.5 साल तक कोई नहीं आया। अब विरोध कर रहे हैं। मैंने समूचे मामले में कलेक्टर को रिपोर्ट दे दी है। यदि किसानों को या फसल को नुकसान होता है तो मुआवजा दिला देंगे। विरोध का कारण प्रत्यक्ष रूप से सामने नहीं आ रहा है।

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