जिम्मेदार कर रहे भूखंड कालाबाजारी रोकने का दावा……

मंदसौर – भगवान पशुपतिनाथ महादेव मेले की तैयारियों को लेकर विधायक और नपाध्यक्ष ने मंगलवार को अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थल निरीक्षण कर हमेशा की तरह सफाई और सुरक्षा के निर्देश जारी कर औपचारिकता पूरी की। मेला स्थल का निरीक्षण करने वाले एक भी जिम्मेदार का ध्यान छोटी पुलिया के पास मैली शिवना की ओर नहीं गया। हर साल की तरह इस बार भी नपा के जिम्मेदार भूखंड की कालाबाजारी रोकने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन किसी के पास कोई प्लान नहीं है। अधिकारी हर बार की तरह दुकान मालिक की आईडी लेने की बात कह रहे हैं।

31 अक्टूबर से 19 नवंबर तक आयोजित होने वाले पशुपतिनाथ मेले की तैयारियों को देखने के लिए मंगलवार को विधायक यशपालसिंह सिसौदिया, नपाध्यक्ष प्रदलाद बंधवार ने नपा, पुलिस, विविकं सहित कई विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया। जिम्मेदारों ने हर बार की तरह इस बार भी अधिकारियों को सफाई रखने, सुरक्षा व्यवस्था रखने जैसे निर्देश देकर औपचारिकता पूरी की। जिम्मेदारों ने नहीं मेले के विस्तार पर चर्चा की ना ही हर बार मेले में होने वाली भूखंड की कालाबाजारी को रोकने पर कोई चर्चा की गई। यही नहीं जिम्मेदारों को मंदिर के पास छोटी पुल के यहां शिवना में जमा गंदगी भी नहीं दिखाई दी। कार्तिक पूर्णिमा पर हर साल हजारों भक्त शिवना में स्नान कर भगवान के दर्शन करते हैं, लेकिन इन भक्तों के लिए शिवना में सफाई व्यवस्था पर किसी का ध्यान नहीं है। जिम्मेदार वाहनों में बैठ मेला स्थल पहुंचे। आधे घंटे चर्चा कर वापस वाहनों में बैठ रवाना हो गए।

ये दिए निर्देश

विधायक और नपाध्यक्ष ने मनिहारी बाजार और झूले-चकरी स्थल का निरीक्षण कर बाजार में रोड की चौड़ाई पर्याप्त रखने की बात कही, जिससे किसी अप्रिय स्थिति में लोग भागकर जान बचा सके। नपा के स्वास्थ्य अधिकारी केजी उपाध्याय और जाकिर को सांस्कृतिक मंच स्थल की सफाई जल्द प्रारंभ करने के निर्देश दिए। यातायात थाना प्रभारी पुष्पा चौहान को मेला शुभारंभ के पूर्व मेला स्थल व चंद्रपुरा मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने को कहा। मेला स्थल पर पेयजल और सफाई की पूरी व्यवस्था करे।

भूखंड कालाबाजारी रोकने

के दावे, प्लान नहीं

इधर मेले में भूखंड नीलामी के बाद कालाबाजारी की गंभीर समस्या बनी हुई है। बाहर से आने वाले व्यापारियों को हर साल 1700 रुपए के प्लॉट के 10-20 हजार तक देकर ब्लैक में भूखंड लेना पड़ते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। नपाधिकारी कालाबाजारी रोकने के दावे तो कर रहे हैं, लेकिन उनके पास कोई ठोस प्लान नहीं है। अधिकारी हर साल की तरह इस बार भी आवेदनकर्ता से पहचान-पत्र लेकर बाद में जांच की बात कह रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने पिछले सालों में आज तक दुकान आवंटन के बाद जांच करना उचित नहीं समझा।

ये रहे उपस्थित

एडीएम अर्जुनसिंह डाबर, एसडीएम एमएल शाक्य, एएसपी सुंदरसिंह कनेश, सीएसपी राकेश मोहन शुक्ल, सीएमओ सविता प्रधान, नपा मेला सभापति राधिका शास्त्री, मेला समिति सदस्य जितेंद्र सोपरा, आजाद भारतसिंह कोठारी, दीपिका निलेश जैन, यशवंत भावसार, शहर थाना प्रभारी विनोदसिंह कुशवाह, मप्र विविकं के एनके प्रजापति, नपा सभापति पुलकित पटवा, विनोद डगवार आदि उपस्थित थे।

मेरा पहला मेला है लेकिन मुझे कालाबाजारी की जानकारी मिल गई हैं। कालाबाजारी रोकने के लिए मैं स्वयं मेले की व्यवस्था पर निगरानी बनाकर रखूंगी। दुकान आवंटन के बाद जांच करवाएंगे। किसी दुकान में कोई अन्य व्यक्ति पाया गया तो उसका आवंटन निरस्त कर आगामी समय में आवेदन प्रकिया से बाहर रखा जाएगा। शिवना नदी मैं स्वयं जाकर देखूंगी, जल्द ही सफाई करवाई जाएगी।

-सविता प्रधान गौड़, सीएमओ,नपा।

भूखंड की कालाबाजारी गत वर्ष से ही कम हो कई थी। इस वर्ष भी नीलामी के दौरान आवेदनकर्ता से उसका पहचान-पत्र लिया जाएगा। मेले के दौरान उसकी दुकान में उसके रिश्तेदारों के अतिरिक्त कोई और मिला तो आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई करेंगे।

– राधिका शास्त्री, मेला सभापति।