25 हजार लोगों से जुड़ी समस्या मिड इंडिया पर अंडर ब्रिज निर्माण की गेंद नपा के पाले में


मंदसौर.
सालों से अटके मिड इंडिया फाटक पर अंडरब्रिज निर्माण के प्रोजेक्ट पर रेलवे के एक पत्र से फिर से सुगबुगाहट तेज हो गई है। लंबे समय से नपा व रेलवे के बीच अंडरब्रिज की स्वीकृति के बाद मामला उलझा हुआ है। २५ हजार लोगों की हर दिन की समस्या से जुड़ी फाटक पर ब्रिज के लिए अब गेंद फिर से नपा के पाले में है। नपा को ३ करोड़ ५४ लाख २४ हजार ४०१ रुपए रेलवे को जमा कराना है। इसके बाद ब्रिज निर्माण के लिए टैंडर प्रक्रिया होगी। ७ करोड़ ८ लाख से अधिक की राशि का ब्रिज निर्माण होना है। इसमें आधी राशि रेलवे तो आधी राज्य शासन को वहन करना है। कभी ड्रांईग डिजाईन तो कभी राशि तो कही विद्युतीकरण-दोहरीकरण के नाम पर ब्रिज निर्माण बार बार उलझता रहा है और चुनावी समर में यह बड़ा मुद्दा भी रहा है। पूर्व में यहां रहवासियों ने आंदोलन भी किया था। अब फिर से निर्माण की राह आसान होती दिख रही है।


रेलवे ने कलेक्टर-सीएमओ को यह लिखी चि_ी
रेलवे की और से कलेक्टर व नपा को पत्र आया है। २२ जुलाई को यह पत्र जारी हुआ है। इसमें बताया कि मिड इंडिया फाटक १५१-बी पर अंडरब्रिज निर्माण होना है। इसके लिए स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इसकी अनुमानित लागत ७ करोड़ ८ लाख ५४ हजार ८०२ है। इसमें ५० प्रतिशत राशि राज्य को देना है। ऐसे में ३ करोड़ ५४ लाख २७ हजार ४०१ रुपए नपा को रेलवे को जमा कराने है। नपा वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक रतलाम पश्चिम रेलवे के नाम यह राशि जमा कराए। जिससे की टैंडर सहित निर्माण को लेकर अन्य कार्रवाई की जा सकें।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मिलकर की मांग


मिड इंडिया फाटक पर अंडरब्रिज निर्माण को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर मनोज पुष्प से मिलकर नपा से जल्द राज्य शासन के हिस्से की राशि जमा करवाकर इसके निर्माण की राह स्पष्ट करने की मांग की। पार्षद विजय गुर्जर, कांग्रेस नेता सोमिल नाहटा, स्वास्थ्य सभापति डिकपालसिंह भाटी, पूर्व पार्षद यूसुफ खेड़ीवाला शामिल थे। कलेक्टर को बताया कि रेलवे प्रबंधक प्रधान कार्यलय द्वारा मिड इंडिया रेलवे फाटक पर अंडर ब्रिज स्वीकृति कर दिया है। इसमें नपा के पास राशि भी है। नपा जल्द राशि रेलवे को जमाा कराकर यहां अंडरब्रिज निर्माण करवाए। मंडल रेल प्रबंधक रतलाम द्वारा कलेक्टर व सीएमओ को पत्र लिखकर बताया कि प्रोजेक्ट की ५० प्रतिशत राशि वह जमा कराए। इसके बाद टैंडर की कार्रवाई की जाएगी।


तत्कालीन सीएम ने की थी घोषणा
पूर्व में तत्कालीन सीएम शिवराजसिंह चौहान ने ४ करोड़ की घोषणा ब्रिज निर्माण के लिए की थी। राशि नपा को मिली थी और नपा ने १ करोड़ रेलवे को जमा भी कराए थे, लेकिन विद्युतीकरण-दोहरीकरण के नाम पर रेलवे ने १ करोड़ की राशि लौटाते हुए प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अब सालों से अटके इस प्रोजेक्ट पर कई महीनों बाद फिर से हलचल हुई है।


प्रावधान है उसके अनुसार करेंगे काम
प्रावधान है। उसके अनुसार काम किया जाएगा। पत्र आया है। शासन को मामला भेजा जाएगा। कुछ राशि इसके लिए शासन ने दी है। और के लिए भेजा जाएगा। शहर केविकास से जुड़ा प्रोजेक्ट है। नियमानुसार काम कर राशि रेलवे को जमा की जाएगी। -आरपी मिश्रा, सीएमओ, नपा