नींद की झपकी ने किया दिल दहलाने वाला सड़क हादसा ,हादसे में हुयी पुरे परिवार की मौत …..

उदयपुर – दर्दनाक हादसे में 8 साल की तन्वी के गंभीर घायल होने का पता चलने पर उसके नाना अस्पताल पहुंचे। जहां पर नातिन की हालत देखकर वे बेसुध हो गए। आईसीयू में भर्ती तन्वी बोल नहीं पा रही है। वह सिर्फ आंखें ही खोल रही है। उसके नाना-नानी को शाम तक हादसे में बेटी-दामाद, नाती समेत पूरे परिवार की मौत की जानकारी नहीं दी गई। ऐसा भयानक था हादसा कि कार के परखच्चे उड़ गए…

– हाइवे मोबाइल वैन में गश्त कर रही पुलिस को सोमवार सुबह करीब साढ़े 5 बजे एक गाड़ी ड्राइवर नेमान सिंह जी का गुड़ा से फोन कर एक हादसे की खबर दी। वे मौके पर पहुंचे तो होंडा सीटी कार पुलिया और डिवाडर के बीच फंसी हुई थी। गाड़ी के कांच से महिला के हाथ बाहर की तरफ लटके हुए थे। कार के परखच्चे उड़ चुके थे।

– इसके बाद हाइवे मोबाइल और पुलिस के 7 जवानों ने मशक्कत कर कार से लाशों को निकालने की कोशिश की। हाइवे से गुजरने वाली कुछ गाड़ियों के ड्राइवरों ने भी मदद की। गाड़ी के आगे से परखच्चे पूरी तरह उड़ चुके थे। गैस कटर से करीब एक घंटे की मशक्कत से कार के आगे वाले दोनों गेट को काटकर कार चला रहे बेटा और उसके पिता को बाहर निकाला, लेकिन तब तक वे दम तोड़ चुके थे।

– बड़ौदा के 402 नक्षत्र फ्लैट नियर तीर्थ रेजीडेंस अमीन पार्क फ्लोट निवासी अमृतलाल मोदी (69), उनकी पत्नी सुमन (63), बेटा अल्केश (37), बहू पीनल (32), पोते वेदांश (4) राजस्थान में घूमने निकला था। हादसे में इनमें से अमृतलाल, सुमन, अल्केश अौर वेदांश की मौत हो चुकी थी, लेकिन तन्वी और पीनल की सांसें चल रही थी। इन्हें 108 एंबुलेंस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पीनल ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। पीनल बड़ौदा के पास स्कूल में पढ़ाती थी।

– बताया जाता है कि 2 दिन पहले मोदी फैमिली ने राजस्थान-गुजरात की सीमा पर स्थित मशहूर अंबाजी मंदिर में दर्शन किए थे। इसके बाद जयपुर में एक प्रोग्राम में शामिल हुए थे। जयपुर से यह परिवार रविवार रात को बड़ौदा के लिए रवाना हुआ था। कार अल्केश चला रहा था। मानसिंहजी का गुड़ा में नाले के पास उसे नींद की झपकी आने से कार पर काबू नहीं रहा और कार डिवाइडर पर चढ़ गई।

– पुलिस ने हादसे में मारी गई पीनल के मोबाइल से परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। उसके बाद दाहोद जालोद में रहने वाले नाना प्रवीण मोदी देलवाड़ा में अनंता अस्पताल पहुंचे। दोपहर 1 बजे नाना-नानी तन्वी का सिटी स्कैन करवाने के लिए रवाना हुए। इसके बाद फिर अनंता अस्पताल लाकर इलाज शुरू किया गया। दोपहर तक बड़ौदा से रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए।