श्रीजी निकले नगर भ्रमण को, इन्द्र ने किया ‘अभिषेक


उदयपुरधरियावद. जैन बीसा और दशा नरसिंगपुरा समाज के पर्युषण महापर्व के समापन पर शुक्रवार को नगर में गाजे बाजे के साथ श्रीजी की शोभायात्रा निकाली गई। बीसा नरसिंगपुरा समाज की शोभायात्रा केशरियानाथ मंदिर से निकली, वहीं दशा नरसिंगपुरा समाज की शोभायात्रा महावीर मंदिर से शुरू हुई। शोभायात्रा में समाज के महिला पुरूष नृत्य करते व मंगल गीत गाए चल रहे थे। शोभायात्रा में आगे धर्म पताका थी तो पीछे समाजजन तथा अंत में फूलों से सजे वाहन में श्रीजी की प्रतिमा विराजित थी। जगह-जगह श्रावकों एवं ग्रामीणों ने भेंट चढ़ाई। शोभायात्रा में पुरुष व महिलाएं गरबा डांडिया नृत्य करते चल रहे थे।
झाड़ोल. कस्बे में दिगम्बर जैन समाज की ओर से शुकवार को संवत्सरी पर्व एवं क्षमायाचना पर्व मना शोभायात्रा निकाली गई। शाम को महाआरती के बाद समाज की नेहा जैन का तहसीलदार पद पर चयन, जतीन जैन का आईआईटी में चयन होने पर सम्मान किया गया।
पारसोला(पस). पर्युषण पर्व के समापन पर क्षमावाणी एंव ७३ उपवासकर्ताओं का महापारणा हुआ। कस्बे में विराजित आचार्य विमदसागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में जैन मन्दिर में मूलनायक पाश्र्वनाथ स्वामी, आदिनाथ भगवान एंव चन्दाप्रभु भगवान का पंचामृत अभिषेक व शान्तिधारा की गयी। इसके बाद सन्मति भवन प्रांगण से उपवासकर्ताओं का जुलूस निकाला गया। जूलूस कस्बे के पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर से शुरू होकर पुराना बस स्टेण्ड, वननाका होते हुए श्यामा वाटिका पहुंच धर्मसभा में तब्दील हो गया। महापारणा महोत्सव मे प्रतिष्ठाचार्य हंसमुख जैन नन्दन वन धरियावद ने उपवासकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सभी उपवासकर्ताओं को अनुमोदना के बाद आचार्य ने मंगल आशीष दिया। महापारणा महोत्सव मे धरियावद, मूंगाणा, नरवाली, घाटोल, बासंवाडा़, सलूम्बर, साबला, कुशलगढ़ एंव उदयपुर से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर तप साधना करने वाले तपस्वियों की अनुमोदना की। समाज के अध्यक्ष जयन्तिलाल कोठारी, उपाध्यक्ष सूरजमल कडवावत, चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश मुंगडीया, प्रवीण पचोरी ने अतिथियों का स्वागत किया। पयुषण पर्व के समापन पर कस्बे में दो दिवसीय रथोत्सव मेला १४ व १५ को भरेगा।

टोकर. श्रीजी को रजत रथ में बिठाकर भ्रमण कराया गया। शोभायात्रा में श्रावक -श्राविकाएं गरबा नृत्य करते हुए चौराहे, बस-स्टैण्ड होते हुए पहुंचे, जहां श्रीजी का जलाभिषेक व विशेष पूजा अर्चना कर महाआरती की गई। बाद में शोभायात्रा पुन:मंदिर पहुंच सभा में बदल गई।
भीण्डर. क्षमावाणी पर्व मनाया गया। प्रात: सामूहिक सामायिक, भगवान आदिनाथ पर वृहद शान्तिधारा, दुग्धाभिषेक, पंचामृत अभिषेक के बाद धर्मसभा में क्षुल्लक महोदय सागर ने प्रवचन दिए। शनिवार को श्रीजी की रथयात्रा दोपहर 12.15 बजे जैन मन्दिर रावलीपोल चौक से रवाना होगी।

इधर, पाश्र्वनाथ जैन मंदिर में पं. पदम ने ब्रह्मचर्य धर्म पर प्रवचन दिया। अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन की ओर से वीतराग विज्ञान पाठशाला के बच्चों एवं प्रश्नोत्तरी के सभी प्रतियोगियों को पुरस्कार प्रदान किए। प्रात: मंदिर में क्षमा याचना पर्व मनाया गया। रथयात्रा निकाली गई। जिनेन्द्र भगवान का रथ श्रावकों ने कंधे पर उठा रखा था। इसके पीछे श्रावक सफेद वस्त्र में एवं महिला मंडल की महिलाएं केसरिया वस्त्र में नाचते गाते नृत्य करती चल रही थी। भारी बारिश के बावजूद श्रावक श्राविकाओं का उत्साह एवं जोश अपार था। जुलूस का संचालन अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन के संरक्षक सूरजमल फांंदोत एवं बसन्तिलाल भोपावत कर रहे थे।
शाम को कुंद कुंद कहान मांगलिक भवन में पूजा-अर्चना के बाद पुन: रथयात्रा पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर रावलीपोल पहुंची।

ऋषभदेव. दिगम्बर जैन तीर्थ रक्षा कमेटी की ओर से बसंती देवी, पंकज कुमार नौगामा को 'तपस्विनी श्रीÓ से सम्मानित किया। नौगामा लगातार 13 वर्षों से पर्युषण पर्व पर उपवास किए। इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन ने शॉल ओढ़ाकर, महामंत्री प्रदीप जैन ने पत्र देकर व उपाध्यक्ष जयप्रकाश सीसपुरिया ने श्रीफल भेंटकर, उपाध्यक्ष बदामीलाल तेजयोत, कोषाध्यक्ष प्रद्युम्न कुमार, राजेश पंचोली, बसंतीलाल भंवरा, महावीर कोठारी, बसंतीलाल कीकावत, गणधर दौवडीया ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। नौगामा परिवार ने प्रभावना वितरित की।