‘उदयपुर हाउस’ फिर राजस्थान को मिलने की उम्मीद

उदयपुर. नई दिल्ली में स्थित ‘उदयपुर हाउस’ (udaipur house in delhi) अब जल्द ही राजस्थान सरकार (rajasthan government) को वापस मिल सकता है। मामले में दोनों सरकारों के उच्चाधिकारियों के मुलाकात में इस आशय की सहमति बनी है। राजपुर रोड स्थित 12 हजार वर्ग मीटर में फैला यह भवन रियासत काल में मेवाड़ (mewar) के पूर्व महाराणाओं का दिल्ली में आवास था।

दिल्ली के सिविस लाइन्स क्षेत्र में स्थित उदयपुर हाउस को लेकर दोनों सरकारों में लम्बे समय से विवाद चल रहा है। इसे सुलझाने को लेकर दिल्ली सचिवालय में शुक्रवार को राजस्थान के मुख्य सचिव डीबी गुप्ता और दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव के बीच अहम बैठक हुई। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने गत दिनों दोनों सरकारों को आपसी सहमति से यह विवाद निपटाने के निर्देश दिए थे। बैठक में बनी सहमति के अनुसार दिल्ली सरकार 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई में उदयपुर हाउस राजस्थान सरकार को सौंपने का सहमति पेश करेगी।


मुख्य सचिव गुप्ता ने बताया कि आजादी के बाद राजस्थान सरकार ने उदयपुर हाउस दिल्ली सरकार को किराये पर दे दिया था। दिल्ली सरकार पांच दशक से अधिक समय से किराया भी नहीं दे रही है। इसमें दिल्ली सरकार के श्रम विभाग का कार्यालय संचालित था, जो विवाद बढऩे पर खाली कर दिया गया। इस भवन का कब्जा पाने की लम्बी लड़ाई के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दोनों सरकारों में आपसी सहमति बनी है।