200 करोड़ का ऑनलाइन सट्टा पकड़ा-तीन साल में 1431 मैचों के हिसाब का खुलासा, पैसा डूबने पर कुछ कर चुके खुदकुशी तो कुछ ने छोड़ा शहर

भीलवाड़ा।

शहर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा एवं हवाला कारोबार में लिप्त गिरोह का पुलिस ने सोमवार को भंडाफोड किया। पुलिस कार्रवाई में 200 करोड़ के ऑनलाइन सट्टे के कारोबार का खुलासा हुआ। इसमें 25 करोड़ रुपए का उठाव हवाला के जरिए हो चुका।

पुलिस ने गिरोह के सरगना वैभव नगर के कमल मगनानी व उसके साथी ललित छतवानी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे पर दांव पर लगी 19 लाख 11, 430 रुपए की राशि के अलावा बीएमडब्ल्यू व ओडी कार जब्त की। सट्टे में इस्तेमाल लेपटॉप, 21 मोबाइल, एलईडी व अन्य उपकरण भी बरामद किए।

पुलिस अधीक्षक योगेश यादव ने बताया कि शहर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा व हवाला कारोबार की जानकारी पर एएसपी दिलीप सैनी की अगुवाई में विशेष पुलिस टीम गठित की। टीम ने रविवार रात महिला आश्रम रोड स्थित मकान पर दबिश दी।

यहां ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे व हवाला कारोबार का खुलासा हुुआ। पुलिस टीम ने सिंधुनगर के साथ विभिन्न जगह दबिश दी। उन्होने बताया, पुलिस ने सट्टा व हवाला कारोबार में लिप्त गिरोह के सरगना वैभव नगर के कमल मगनानी व महिला आश्रम रोड निवासी ललित छतवानी को गिरफ्तार किया। एक आरोपित सिंधुनगर निवासी रजत सैनी को भी पकड़ा।

19 लाख से अधिक की राशि जब्त

यादव ने बताया कि महिला आश्रम रोड स्थित आवास पर दांव पर लगे 19 लाख 11,430 रुपए, लेपटॉप, 21 मोबाइल, कम्प्यूटर, एलईडी व अन्य उपकरण जब्त किए। आरोपितों की निशादेही पर दो लग्जरी कार जब्त की। दोनों की कीमत एक करोड़ से अधिक है। पुलिस ने जब्त लेपटॉप व कम्प्यूटर खंगाले तो तीन वर्ष में हुए 1431 क्रिकेट मैचों पर दांव के हिसाब का खुलासा हुआ। इन मैचों पर कुल दो सौ करोड़ रुपए सट्टा लगने का हिसाब मिला है।

चार एप के जरिए सट्टा

यादव ने बताया कि आरोपितों ने सट्टे के लिए चार एप डाउनलोड कर रखे थे। इनके जरिए कमल मगनानी दांव खिलाता। उसने अपने सौ से अधिक सदस्य बना रखे थे। इनकी आईडी भी जारी कर रखी थी। इनमें 60 सक्रिय थे। कमल की एक आईडी की वेल्यू तीन करोड़ थी। ये आइडी उन्होंने गुजरात से बनवाई थी। मुम्बई, जयपुर व नेपाल से लिंक थे। सभी आईडी की वेल्यू मैच के लिए 55 करोड़ की है। एक मैच पर 25 से 50 लाख रुपए तक का दांव लगाते थे। अभी तक 20 करोड़ राशि के भुगतान का खुलासा हुआ। ये भुगतान मैच राशि के आधार पर करते थे। छोटी राशि होने पर नकद कर देते थे। नेट बैंकिंग व पेेटीएम की भी मदद लेते थे। बड़ी राशि होने पर उसका हवाला से जिलों व राज्यों में रुपए भिजवाते थे।

आरोपितों ने कमाया पांच करोड़

मुख्य आरोपी कमल व ललित साइबर अपराध से पांच करोड़ की कमाई की। इनके पार लग्जरी कारें हैं। विदेश यात्रा कर चुके है। ठाठ बाट से रहते थे। कमल ने सट्टे व हवाला कारोबार से सिंधुनगर में ***** हाउस खोल रखा है। मकान व दुकान की जानकारी भी सामने आई है। यहीं से सम्पर्क साधता था। ललित कथित कारोबार संभालता था। सट्टे में कई का पैसा भी डूबा है। कुछ खुदकुशी कर चुके है, जबकि कुछ ने शहर छोड़ दिया है।

आयकर विभाग को दी सूचना

आरोपितों के खिलाफ साइबर क्राइम के तहत मामले पंजीकृत हैं। इनमें आईटी एक्ट व धारा 420 के तहत प्रकरण हुए है। आरोपितों ने जो सम्पति अर्जित की है, उनका वैध स्रोत के सामने नहीं आने से हम ईडी व आयकर विभाग को सूचित कर रहे हैं।