बच्चों को शिक्षित कर मुख्य धारा से जोड़ें ग्रामीण

नीमच। ग्रामीण अपने बच्चों को शिक्षित कर मुख्य धारा से जोड़ें। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए शासन ने छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। शिक्षा का प्रसार होने से सामाजिक समरसता बढ़ी है।

यह बात जिला पंचायत अध्यक्ष अवंतिका जाट ने कही। वे ग्राम खेड़ा दारू में आयोजित अस्पृश्यता निवारण सद्भावना शिविर में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं। कार्यक्रम को एडीएम विनय कुमार धोका, जिला पंचायत सदस्य दिनेश परिहार, धनसिंह कैथवास, सरपंच बाली बाई धाकड़, मेहर सिंह जाट सहित अन्य ने भी संबोधित किया। भाषण व निंबध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं ने भी विचार रखे। सरपंच बालीबाई धाकड़, जगदीश धाकड़, बालमुकुंद नागर, रुघनाथ धाकड़, अंबालाल बैरवा, जिला संयोजक आदिम जाति राकेश कुमार राठौर, अधीक्षक जगदीश कोड़ा, अमृतराम मालवीय, सत्यदेव जगावत, मेवालाल ठपरा, सुरेखा अंब, विद्यावत परमार ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। संचालन रमेशचंद्र पंवार ने किया। आभार अधीक्षक अमृतराम मालवीय ने माना।

यह थे मौजूद : लक्ष्मीनारायण धाकड़, पूरालाल धनगर, सीएल धाकड़, ललित ग्वाला, सूरज सिंह शक्तावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी व गणमान्य नागरिक।

इन्हें मिला लाभ

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत अजय वलेचा और नीलम मेघवाल को 2 लाख रुपए की राशि का चेक प्रदान किया गया। अनु. जाति के भमेसर के राहुल मेघवाल व सरवानिया बोर के दिव्यांग नानूराम मेघवाल को 3-3 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई। जिला अंत्यावसायी विभाग द्वारा विवेक अमृतलाल को कपड़ा व्यवसाय के लिए 5 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई। अजय करण सिंह को कम्प्यूटर सेल्स व्यवसाय के लिए 5 लाख रुपए की सहायता प्रदान की गई। मोतीलाल मनीराम को फर्श घिसाई मशीन के लिए 2 लाख रुपए स्वीकृत किए गए। रामस्वरूप राधेश्याम को दुग्ध डेयरी के लिए 65 हजार रुपए का ऋण स्वीकृत किया गया।