स्वच्छता अभियान में बांसवाड़ा की जनता भागीदारी में पीछे

बांसवाड़ा | स्वच्छता की परीक्षा में जनता की भागीदारी नाकाफी साबित हो रही है। शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण 18 जनवरी से शुरू होगा। परीक्षा 4 हजार अंकों की होगी, जिसमें से 35 फीसदी अंक तो केवल जनता की भागीदारी के ही हैं। इसके बावजूद स्वच्छता मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड व फीडबैक देने का आंकड़ा इतना कम है कि 4041 शहरों से मुकाबले में बांसवाड़ा को आगे रहना आसान नहीं होगा।

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शहर में आबादी एक लाख एक हजार 71 है और मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या करीब 40 हजार से अधिक है। इसके बावजूद स्वच्छता मोबाइल एप डाउनलोड करने वाले लोगों की संख्या मात्र 476 ही हैं। इसमें भी 160 ही एक्टिव हैं। इस एप को डाउनलोड करने वालों की संख्या अत्यंत न्यू होने से इसमें परिषद को कितने अंक मिल पाएंगे, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इस एप को डाउनलोड करने में जनता की भागीदारी यदि बढ़े तो स्वच्छता रैंकिंग में बांसवाड़ा नगर परिषद को अच्छे अंक मिलने की संभवना है।

जनप्रतिनिधियों में समन्वय नहीं

स्वच्छता मोबाइल एप डाउनलोड करने वाले लोगों की शहर में संख्या तो कम है ही, कई जनप्रतिनिधियों ने भी इस एप को डाउनलोड नहीं किया है। कुछ पार्षद तो इससे भी अनभिज्ञ हैं कि ऐसा कोई एप है, जिससे सर्वे में परिषद को अंक मिल सकते हैं।

कड़ा है मुकाबला

स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत शहरी विकास मंत्रालय की टीम शहर में घूमकर स्वच्छता का आकलन करेगी। पिछले सर्वेक्षण में 434 शहर शामिल थे। जबकि अब 4041 शहरों के बीच मुकाबला है, जिसे कड़ा माना जा रहा है। बांसवाड़ा में पहली बार राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वे हो रहा है।

परिषद का दावा

कचरा पात्र रखवाए शहर में
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण शुरू
कचरे से खाद बनाने की कवायद
आईईसी गतिविधि संचालित
सार्वजनिक शौचालय लगाए
प्रचार व वॉल पेंटिंग कार्य
वार्ड ओडीएफ मुक्त
स्वच्छता सर्वेक्षण, 2018 में देश के 4041 शहर शामिल होंगे। पिछले वर्ष 434 ही शहर शामिल थे यानी इस बार 3607 शहर ज्यादा।
04 हजार अंकों का प्रश्न पत्र होगा, जिसमें 71 तरह के प्रश्नों से गुजरना पड़ेगा।
35 फीसदी हो गया है जनता का फीडबैक जो पांच प्रतिशत बढ़ाया गया
30 फीसदी अंक कचरा संग्रहण—परिवहन के लिए
30 फीसदी अंक खुले में शौच मुक्ति के लिए

स्वच्छता के लिए नगर परिषद काफी प्रयास कर रही है। जनता का भी पूरा साथ मिल जाए तो बांसवाड़ा सर्वे में बेहतर स्थान प्राप्त कर सकता है। जन भागीदारी के अंक सबसे ज्यादा हैं।
बीआर सैनी, आयुक्त नगर परिषद