‘आज कौशलपुर बंटत बधाईयां, दशरथ घर मंगल क्षण आयुÓ

प्रमोद भटनागर
चारभुजा. प्रभु चारभुजानाथ की नगरी में रविवार को राम जन्मोत्सव श्रद्धा के साथ मनाया गया। इसको लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक सजाया गया।
मंदिर में सुबह 11.30 बजे राजभोग आरती के बाद दर्शन आधे घन्टे बन्द हुए। निज मंदिर के पुजारी जगदीश चौहान व मोडीलाल वगडवाल द्वारा ठाकुरजी के बाल स्वरूप को विशेष शृंगार धराया गया। रामलला की बाल प्रतिमा को मनोहारी छटा व आभा से सजाया गया। इससे पूर्व पुजारियों ने एक घन्टे तक रामलला के जन्मोत्सव पर बधावे, मंगल गीत व अयोध्या में दशरथ के घर मंगलाचार के भाव से हरजस गान किया। इसके तहत आज कौशलपुर बंटत बधाइयां, दशरथ घर मंगल क्षण आयो, का गान किया गया। दोपहर 12 बजे तोप की सलामी के साथ रामलला के जन्मोत्सव के पट खुले। जयकारों के साथ पुजारियों व श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। वहीं, रामलला की विशेष आरती हुई। आरती के बीच गुलाल उड़ेलकर खुशियंा मनाई गई। उल्लेखनीय है कि प्रभु चारभुजानाथ के मंदिर में राम नवमी पर ही विशेष छठी आरती होती है, जबकि वर्ष पर्यन्त दिन में पांच आरतियां ही होती है। इस दौरान तुलसीराम, नारायण लाल, सोहनलाल, भगवान लाल, लक्ष्मण लाल, रूपलाल, रामचन्द्र गुर्जर व हरलाल के साथ कई पुजारियों ने ठाकुरजी के समक्ष हरजस गान किया।

सूराजी महाराज की जंयती पर शोभायात्रा
चारभुजाजी के भक्त व पुजारी रहे सूराजी महाराज की जयंती पर रविवार को पुजारी समाज द्वारा कस्बे में शोभायात्रा निकाली गई। मंदिर चौक में रथ में सूराजी के छाया चित्र को धराया तथा पुजारी गण रथ मे बैठकर चंवर ढुलाते हुए रथ यात्रा को रवाना किया। शोभायात्रा के आगेे 7 घोड़ों का समूह नृत्य करते हुए चल रहा था। वहीं, बैण्ड की धुन पर पुजारी नाचते-गाते गुलाल उड़ेलते चल रहे थे। शोभायात्रा मंदिर चौक से प्रारम्भ होकर मुख्य मार्गों से होते हुए होली चौक पहुंची, जहां पर काफी देर तक पुजारियों ने बैण्ड पर भक्ति की धुनों के साथ नृत्य किया। इसके बाद शोभायात्रा सोनारों की गली होते हुए मंदिर चौक पहुंचकर सम्पन्न हुई। वहीं सूरा जयंती पर फले चुन्दडी का आयोजन भी किया गया ।