150 से अधिक छात्राएं टपकतती छत के नीचे बैठकर पढऩे के लिए मजबूर


मंदसौर.
नगर के स्थानीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में १५० से अधिक छात्राएं बारिश के इन दिनों में टपकती हुई छत के नीचे बैठकर पढऩे को मजबुर है। वर्ष 1962 में यह बना था। उस भवन की स्थिति यह हो चुकी है। रखरखाव के अभाव में वर्षों पुराना यह भवन अब बारिश में जवाब देने लगा है। इसके चलते शैक्षणीक साम्रगी और स्कूल में रखा रिकॉर्ड तथा पाठ्यपुस्तक भी पूरी तरह भीगकर खराब हो गई है।

यहां तक कि ऑफिस एवं कक्षाओं में लगे पंखे पानी के कारण जल चुके हैं। वही हाल बरामदे कमरों आदि में पानी भरा हुआ है। इसके कारण कमरों में रखा फर्नीचर भी खराब हो रहा है। यहां छात्राओं को न तो बैठने में कोई जगह मिलती है नहीं पढ़ाने वाले अध्यापकों को कोई स्थान मिलता है यहां तक किए विद्यालय का रिकॉर्ड भी बचाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दीवारों में पानी उतरने के कारण 18 अ_ारह इंच की दिवाली में दरारें पडऩे प्रारंभ हो चुकी है एवं उक्त भवन में बीईओ ऑफिस होने के कारण पूरे ब्लॉक की कक्षा छठी से 12वीं तक की पुस्तकें वितरण होने के लिए आई थी वह भी सब गीली हो चुकी है। कई बार इस संबंध में स्थानीय विद्यालय के अध्यापकों द्वारा लिखित एवं मौखिक रूप से नगर पंचायत, तहसीलदार, एसडीएम, पीडब्ल्यूडी विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया जा चुका है परंतु आज दिन तक इसका कोई समाधान नहीं निकला वही स्थानीय विधायक जगदीश देवड़ा को भी लिखित में एवं कई बार मौखिक रूप से अवगत कराया लेकिन आश्वासन ही मिला।


इनका कहना
हमने माह जुलाई में एसडीएम को पत्र के माध्यम से स्थिति से अवगत कराया था परंतु आज तक कोई समाधान नहीं हुआ।-दिनेश वर्मा , प्रधानाध्यापक कन्या माध्यमिक विद्यालय मल्हारगढ़


मैं अभी अभी आया हूं
मैं इसको देखकर ऊपर हमारे विद्यालय के संबंध में जो आपने बताया है उसको अधिकारियों से बात कर समस्या समाधान कराने का प्रयास करूंगा।-रमेश बागड़ी, बीईओ मल्हारगढ़

आपके माध्यम से मुझे पता चला
आपके माध्यम से मुझे पता चला है मैंने पत्र तुरंत लोक निर्माण विभाग को भिजवा दिया था यह काम पूरा क्यों नहीं हुआ मैं इसकी पूरी छानबीन कर त्वरित इसको पूर्ण कर आऊंगी-रोशनी पाटीदार, एसडीएम मल्हारगढ़