15 रचनाकारों को नवाजा

उदयपुर. सलूम्बर. सलिला संस्थान सलूम्बर की ओर से दसवां राष्ट्रीय बाल साहित्यकार सम्मेलन का आगाज डॉ. ज्योतिपुंज की अध्यक्षता एवं राष्ट्रीय पुस्तक न्यास नई दिल्ली के मानस रंजन महापात्र के मुख्य आतिथ्य में हुआ।

अंबालाल शर्मा को मेवाड़ गौरव से अंलकृत कर किया गया। अतिथियों ने उन्हें शॉल, प्रशस्ति पत्र, सम्मान राशि प्रदान की। शिक्षक शर्मा ने अपने विद्यालय में जनसहयोग से 60 लाख तक का भौतिक विकास कराया।
पत्र लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं नीति श्रीवास्तव, डॉ. अनु श्री राठौड़, डॉ. देशबंधु शाहजहांपुर, भगवती प्रसाद गौतम, सीमा जैन, श्याम मनोहर व्यास, विमला नागला, प्रभा पारीक, डॉ. शील कौशिक, डॉ. सोनी स्वरूप सहित 15 कलमकारों को प्रशसित पत्र व सम्मान राशि देकर सम्मानित किया। इस सत्र में मंचासीन मुख्य अतिथि आरएएस अधिकारी टीकमचंद बोहरा थे। विकास अधिकारी शुभ मंगल ने अध्यक्षता की। उप जिला कलक्टर प्रकाश चंद्र रेगर विशिष्ट अतिथि थे। विकास दवे, शीला पांडे,पद्मा सिंह व प्रकाश तातेड़ को बाल साहित्य की पुस्तकों के लिए पुरस्कृत किया गया। रात्रि में अखिल भारतीय काव्य गोष्ठी हुई।

सलिला संस्थान की अध्यक्ष डॉ. विमला भण्डारी ने बताया कि इस वर्ष बाल साहित्य पर अखिल भारतीय पत्र लेखन प्रतियोगिता में 104 पत्र प्राप्त हुए, इनमें से 15 पत्रों को पुरस्कृत किया जा रहा है। चयनित पत्रों की पुस्तक 'पत्र तुम्हारे लिएÓ का अतिथियों ने लोकार्पण किया। निर्णायक देवपुत्र पत्रिका के सम्पादक विकास दवे एवं शीला पांडे ने भी अनुभव बांटे। इस सत्र में वार्षिक स्मारिका सलिल प्रवाह 2019 को सम्पादक प्रकाश तातेड़ ने प्रस्तुत किया, जिसमें गत वर्ष के प्रतिवेदन व पुस्तक समीक्षाओं के साथ यह अंक बाल साहित्यकार संगीता सेठी की बाल रचनाओं पर केंद्रित रहा। विशिष्ट अतिथि बाल साहित्यकार संजीव जयसवाल, संजय लखनऊ, गोविंद शर्मा संगरिया, श्रीगंगानगर ने भी विचार रखे। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिंहाड़ा, भींडर के विद्यार्थियों ने भोपाजी नाटिका का मंचन किया। सलिला संस्थान के चंद्रप्रकाश मंत्री ने स्वागत किया। उदयपुर के नरोत्तम व्यास ने मेवाड़ी में स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सदस्यों की ओर से संस्था गीत 'बेटी रहे सलिला साहित्य और सूजन का गीत प्रस्तुत किया। सम्मेलन के दूसरे दिन सोमवार को कवि दरबार बाल साहित्यिक संगोष्ठी, बाल प्रतिभा पुरस्कार, सलिला साहित्य सम्मान आदि होंगे।