हे भगवान! विश्वास में हो रहा है धोखा, जलदाय विभाग अपने उपभोक्ताओं ये क्या पिला रहा है

उदयपुर/ कानोड़. कस्बे में जलदाय विभाग आम स्वास्थ्य को लेकर कितना चिंतित है। इसकी बानगी यहां स्थित विभाग के जलदाय विभाग को देखकल लगाया जा सकता है। विभागीय सप्लाई से शुद्ध पानी पीने का मुगालता रखने वाले नगरवासियों की स्थिति यह है कि उन्हें पानी के नाम पर क्या पिलाया जा रहा है। इसका उन्हेंं पता नहीं है। लोगों के स्वास्थ्य को लेकर विभाग कितना सजग है इसकी पड़ताल राजस्थान पत्रिका ने की तो चौंकाने वाले उदाहरण सामने आए। फिल्टर टैंक का ढक्कन टूटा पड़ा है। इस कारण से इसके भीतर कबूतर घुस जाते हैं। कई बार कबूतर और बंदर पानी में मरे हुए भी देखे गए हैं। कर्मचारियों ने खुद कबूला कि कई बार मरे हुए पक्षियों को निकालने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। विभागीय कार्यालय और फिल्टर प्लांट वाली पेयजल टंकी जर्जर है। सीढिय़ां पूरी तरह क्षत्रिग्रस्त हैं। सफाई करने वाले कार्मिक के साथ अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
पीपलवास एनिकट से कानोड़ तक दर्जन भर लिकेज सप्लाई लाइन को प्रदूषित कर रहे हैं। लिकेज में तलाई का पानी भर रहा है। सप्लाई लाइन की टोह ली तो सामने आया कि रिसाव वाली जगहों पर भरे पानी में पशुओं की मौजूदगी थी। समीप ही गंदगी पड़ी हुई थी।

अभियंता का पद रिक्त
लंबे समय से कानोड़ जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता का पद रिक्त है। चार्ज उदयपुर के जेइएन लोकेश शर्मा के पास है, जो कभी-कभार ही आते हैं। भीण्डर से वरिष्ठ लिपिक भंवरसिंह शक्तावत को दी गई जिम्मेदारी भी दिखावटी बनी हुई है। रिक्त पदों के कारण कार्यालयों में अधिकांश मौकों पर ताला लटका रहता है।

योजना पर संकट
पेयजल व्यवस्था सुधार को लेकर तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में ९.५ करोड़ के प्रस्ताव बने थे। तत्कालीन पीएचइडी मंत्री किरण माहेश्वरी ने योजना को मूर्तरूप देने के लिए हरी झंडी भी दी थी, लेकिन सरकार बदलने के साथ ही योजना खटाई में पड़ती दिख रही है।

दिया है ऑर्डर
सितम्बर से कानोड़ की जलापूर्ति व्यवस्था देख रहा हूं। फिल्टर प्लांट के खराब ढक्कन को सुधारने के लिए ऑर्डर दिया है। सप्लाई लाइन के लिकेज सुधारे जाएंगे।
लोकेश शर्मा , कनिष्ठ अभियंता, जलदाय विभाग

नहीं हुआ समाधान
उपभोंक्ता की समस्या व फिल्टर प्लांट के जर्जर हाल को लेकर कई बार विभागीय अधिकरियों से बातचीत की। लेकिन, समस्या जस की तस बनी हुई है। विभाग जिम्मेदारी से परहेज करता है तो सरकार को अवगत कराया जाएगा।
अनिल शर्मा , चेयरमैन, नगर पालिका कानोड़