स्क्रब टाइफस ने फिर पसारे पांव, 20 रोगी मिले, निपटने के लिए चिकित्सा विभाग ने की टीमें गठित

उदयपुर . पशुओं से इंसानों में फैलने वाली गम्भीर बीमारी स्क्रब टाइफस scrub typhus ने जिले में फिर पांव पसारने शुरू कर दिए गए हैं। उदयपुर जिले में 20 रोगी चिह्नित किए गए हैंं जिससे निपटने के लिए चिकित्सा विभाग ने टीमें गठित कर सर्वे शुरू कर दिया है।

पिछले दो माह में मावली, वल्लभनगर, भींडऱ, कानोड़, गोगुंदा, बडग़ंव आदि क्षेत्रों में स्क्रब टाइफस ने पांव पसारे है। उदयपुर शहर में 2 एवं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 18 रोगी पाए गए हैं। इधर पशुपालन विभाग animal husbandary Department ने इस रोग पर नियंत्रण के लिए पशुपालकों के घरों व बाड़ो में स्प्रे करने का काम शुरू कर दिया है।

यह बीमारी पशुओं की चमड़ी पर चिपके चिंचड़ों से फैलती है। चिकित्सा विभाग पूरे जिले में बुखार पीडि़तों के रक्त के नमूनों की जांच कर रहा है। अब तक 1 लाख 82 रक्त के नमूने लिए जा चुके हैं।

बीमारी के लक्षण

स्क्रब टाइफस में रोगी को मलेरिया की तरह ठंड लगकर तेज बुखार आता है। सर्दी-जुखाम भी रहता है। हाथ-पांव व शरीर पर काले दाने या निशान पड़ जाते हैं। इसमें जरा भी लापरवाही घातक साबित हो सकती है।

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गांवों व मरीजों की सूची दी गई है, उसके अनुसार संबंधित क्षेत्र में पशुपालकों के बाड़ों में दवाइयों का स्प्रे किया जा रहा है।
-राघवेन्द्र राय, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

स्क्रब टाइफस रोग पशुओं के चिंचड़ों से फैलता है। अधिकतर यह बीमारी पशुओं के सम्पर्क में आने से होती हैं। विभाग की टीमों ने पिछले सप्ताह ही स्प्रे किया है।

-ललित जोशी, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग