स्कूल व बालवाहिनी पर क्यों अंकित करने होंगे चाइल्ड लाइन का नंबर


चित्तौडग़ढ़. जिला कलक्टर चेतनराम देवड़ा की अध्यक्षता में बाल अधिकारिता एवं जिला बाल संरक्षण इकाई की त्रैमासिक समीक्षा बैठक कलक्ट्रेट के समिति कक्ष में आयोजित की गई। जिला कलक्टर ने जिले में संकटग्रस्त में जीवन यापन कर रहे बालकों का सर्वे कराने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग व शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि जल्द से जल्द ऐसे जरूरतमंद एवं आवश्यकता वाले बालकों का सर्वे करें जिसके लिए जिला बाल संरक्षण इकाई संबंधित अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित कराए। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण कमेटी व पंचायत समिति स्तरीय बाल संरक्षण कमेटी को सक्रिय कराने हेतु होने वाली बैठकों में बाल संरक्षण के मुद्दों पर कार्य कर रही संस्थाएं भाग लेकर बालकों के संरक्षण के संबंध में चर्चा करें। उन्होंने कहा कि जिले में बालकों के संरक्षण व उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए वत्सल वार्ता कार्यक्रम पुलिस व विद्यार्थियों का संवाद है, जो शुरू करने हेतु पुलिस विभाग जिले के स्कूलों में संबंधित पुलिस अधिकारी स्कूल में जाकर बालकों को गुड टच-बैड टच, पोक्सो, छेड़छाड़ घटनाओं जैसी जागरूकता कार्यक्रम चलाने के लिए पहल करे। जिला कलक्टर ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि जिले में समस्त राजकीय/गैर राजकीय स्कूलों में 1098 चाईल्ड लाईन का नंबर अंकित करें साथ ही सभी बाल वाहिनियों पर भी अंकित करवाने के निर्देश दिए। इस मौके पर सहायक निदेशक बाल अधिकारिता एवं जिला बाल संरक्षण इकाई ललिता खिंची, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति सुशीला लढ्ढा, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) शांतिलाल सुथार, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) कल्याणी दीक्षित, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. इन्दरजीत सिंह, उप निदेशक महिला अधिकारिता विभाग राकेश तंवर, सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारी सत्यनारायण शर्मा आदि मौजूद थे।