स्कूलों में विकास कार्यों के आदेश हुए निरस्त, जिले में दो करोड़ के काम रुके


प्रतापगढ़. जनजाति विभाग ने उदयपुर संभाग के चार जिलों में स्कूलों के लिए स्वीकृत विकास कार्य पिछले माह निरस्त कर दिए। ये कार्य करीब 10 करोड़ के हैं। अब इन कार्यों की स्वीकृतियां लोकसभा चुनाव के बाद हो सकती है। इस आदेश के बाद प्रतापगढ़ जिले में जनजाति विकास विभाग की ओर से स्वीकृत करीब दो करोड़ के कार्यों की वित्तीय स्वीकृति निरस्त कर दी गई। इस राशि से जिले की कई स्कूलों में विकास कार्य होने थे। प्रतापगढ़़ जिले में २ करोड़ ६ हजार की वित्तीय स्वीकृतियां निरस्त की गई।
जनजाति आयुक्त की ओर उदयपुर संभाग के उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिलों में कुल 1063 करोड़ के कार्य निरस्त किए गए हैं। इनमें उदयपुर में 368 लाख के 24 कार्य, डूंगरपुर में 135 लाख के 3, बांसवाड़ा में 352 लाख के 14 और प्रतापगढ़ में 206 लाख के 5 कार्य निरस्त किए गए हैं। इस निरस्तीकरण की अधिकांश गाज शिक्षा विभाग पर पड़ी है।
इन कार्यों के तहत कहीं स्कूलों में कमरे बनने थे तो कहीं विज्ञान प्रयोगशालाएं बननी थी। लेकिन ये सब काम अब लोकसभा चुनाव बाद ही हो पाएंगे।

विभागीय उदासीनता से अटका काम
जिला मुख्यालय के सदर बाजार स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रतापगढ़ में भवन बनाने के लिए पुराने जर्जर भवन को गिरा दिया गया। सरकार की ओर से गत वर्ष 4 अगस्त को जनजाति विभाग की ओर से 40 लाख रुपए नए भवन के लिए स्वीकृत हुए। यह काम राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से किया जाना था, लेकिन संबंधित विभागीय उदासीनता का आलम यह रहा कि तखमीना बनाने में ही काफी समय गुजर गया। निविदा जारी करने की प्रक्रिया मेें भी इतनी लेट लतीफी हुई कि आचार संहिता लग गई। अब सरकार ने यह स्वीकृति ही निरस्त कर दी। इससे अब तक शुरू की गई प्रक्रिया पर ही पानी फिर गया। यह एक उदारहण है। ऐसे जिले में 206 लाख के पांच काम थे, जो कहीं भी शुरू नहीं हुए थे। इस बीच सरकार ने राशि की स्वीकृति ही निरस्त कर दी।

ये हो रही असुविधाएं
जिन स्कूलों के काम निरस्त हुए उनमें जिला मुख्यालय स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय का भवन भी है। विद्यालय के भवन का एक हिस्सा जर्जर हो चुका था। इसे गिरा दिया गया। इसकी जगह दूसरा बनना था। अब भवन के जर्जर हिस्से को गिराए जाने के बाद स्कूल की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। विद्यालय परिसर में सुरक्षा दीवार के अभाव में ं संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। बालिका विद्यालय होने से सुरक्षा की दृष्टि से विद्यालय प्रशासन को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। गत ६ माह में यहां दो बार चोरी की वारदात हो गई है। जिसमें पोषाहार सामग्री के साथ बर्तन, गैस टंकियां आदि चोरी कर ले गए। वहीं एक बड़े भू-भाग के खुला होने से यहां सुअरों व संदिग्ध लोगों का जमावड़ा होने लगा है। इससे अध्ययन कार्य में काफी परेशानियां हो रही हंै।

प्रतापगढ़ में इन स्कूलों के निरस्त हुए काम
छोटीसादड़ी पंचायतसमिति के चांदोली सीनियर सैकण्डरी में 33.94 लाख की लागत से प्रस्तावित प्रयोगशाला।
अरनोद पंचायतसमिति के राउमावि सालमगढ़ में 33.94 लाख की लागत से प्रस्तावित प्रयोगशाला।
अरनोद पंचायत समिति के आम्बरीरामा राउमावि में 65.95 लाख से प्रस्तावित अतिरिक्त कक्षा कक्ष
प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय की राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 33.94 लाख रुपए से प्रस्तावित विज्ञान प्रयोगशाला