स्कूली छात्रा का अपहरण कर सूनसान इलाके में ले जाकर किया बलात्कार, आरोपी को 10 साल की कैद

डूंगरपुर. होली की छुट्टियों के बाद वापस जिला मुख्यालय स्थित स्कूल आने गांव के बस स्टैंड जीप का इंतजार कर रही छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में पोस्को कोर्ट के पीठासीन अधिकारी महेंद्रकुमार सिंहल ने अभियुक्त को 10 साल के कारावास व 15 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोग पक्ष के अनुसार पीडि़ता ने 13 मार्च 2015 को बिछीवाड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया कि प्रार्थिया जिला मुख्यालय स्थित एक निजी विद्यालय में कक्षा नवमीं की छात्रा है। होली की छुट्टियों में घर आई थी। 8 मार्च को वापस स्कूल जाने के लिए जीप का इंतजार कर रही थी। इस दौरान भुवाली फला माली निवासी डेविड पुत्र गोपाल डामोर वहां आया।

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उसने फोन करके अपने दोस्त को बुलाया। दोनों मोटरसाइकिल पर जबरन बिठाकर उसके गांव में सुनसान खण्डहर मकान में ले गए। डेविड का दोस्त उन्हें छोड़ कर चला गया और डेविड ने रातभर वहां उससे बलात्कार किया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान के बाद आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपित डेविड को दोषी करार देते हुए भादंसं और लैगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत अलग-अलग धाराओं में 10 साल के कारावास व 15 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने पीडि़ता को पीडि़त प्रतिकर योजना का लाभ दिए जाने की अनुशंसा करते हुए निर्णय की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भिजवाने के भी निर्देश दिए। सरकार की ओर से पैरवी विशिष्ठ लोक अभियोजक योगेशकुमार जोशी ने की।