सोसायटियों ने ऋण जमा करने के लिए किसानों को थमाए नोटिस


मंदसौर.
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जय किसान योजना में किसान अभी ऋण माफ होने का इंतजार ही रहे है। और अब ऋण जमा कराने के लिए सोसायटियों के नोटिस आना शुरु हो गए है। जबकि कंागे्रस दावा कर रही है कि १२ दिसबंर २०१८ तक के किसानों के कर्ज माफ कर दिए है। जब सहकारी संस्थाओं के अधिकारियेां से नोटिस को लेकर पूछा तो विभाग में खलबली मच गई। और अधिकारियों ने साधारण सूचना पत्र बता दिया।

जिले में पहले आचार संहिता लगने से पहले मोबाइल पर आए कर्जमाफी नहीं होने के मैसेज से राजनीति तुल पकड़ लिया था। और अब किसानों को नोटिस जारी होने के बाद संसदीय क्षेत्र की राजनीति गर्मा गई है। किसानों को नोटिस मिलने को प्रशासन की लेटलतीफी बता रही हैवहीं भाजपा किसान कर्जमाफी को छलावा बता रही है। ऋण माफी योजना के अपात्र किसानों को ऋण जमा करने के लिए डयू डेट २८ मार्च से बढ़ाकर 15 जून तक करने के शासन ने संस्थाओं को आदेश जारी किया है।


किसान सम्मेलनों में कहा था कोई किसान चिंता नहीं करें
पिछले दिनों प्रभारी मंत्री के जिले के सभी तहसीलों में योजना के तहत किसानों को प्रमाण पत्र बांटने के सम्मेलन हुए थे।इसमें प्रभारी मंत्री हुकुमसिंह कराड़ा सहित अन्य नेताओं ने कहा कि था कि सरकार दिसंबर तक के सभी किसानों के कर्ज माफ करेंगी और यहीं बात कांग्रेस नेता गांव-गांव में कह रहे थे।


पूर्व में शामगढ़ ग्रामीण बैंक ने जारी किया था नोटिस
इसके पूर्व जिले के शामगढ़ में सेंट्रल ग्रामीण बैंक ने भी किसानों को ऋण जमा करने को लेकर नोटिस जारी किया था। करीब १५० किसानों को संस्था ने ऋण जमा करते हुए लेन-देन का नोटिस जारी किया था। इसके बाद अधिकारियों ने फटकार लगाई थी।अभी बैंक से जारी नोटिस का मामला शांत हुआ भी नहीं था कि अब सोसायटियों ने नोटिस जारी करना शुरु कर दिए है। इसमें शासन के आदेश का हवाला दिया जा रहा है।


संस्था ने जारी किए नोटिस, ऋण जमा नहीं तो चुकाना होगा ब्याज
जो नोटिस जारी हुए है उनमें लिखा है कि 28 मार्च-2018 के पहले ऋण सोसायटिओं में जमा करा दिए थे उन किसानों के 28 मार्च 2019 तक बकाया ऋण लिया हुआ है। निंबोद कृषि साख सहकारी संस्था मर्यादित के द्वारा जिन किसानों ने चालू वित्तीय वर्ष में ऋण लिया था उन किसानों को 28 मार्च 2019 तक ऋण जमा नहीं करने पर 12.30 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूल किया जाएगा। ड्यू डेट तक जमा नहीं करने पर किसानों पर दोहरी मार पड़ेगी। किसान राजेश साहू, ओंकारलाल, मांगीलाल मालवीय ऐसे कई किसानों को सोसायटी द्वारा नोटिस दिए गए है।


जो योजना में अपात्र हैउन्हें जारी किए नोटिस
जय किसान ऋणमाफी योजना में जो किसान अपात्र है। उन्हें नोटिस जारी किए है। शासन का आदेश आया है। इसी आधार पर २८ मार्च तक की स्थिति में जिन किसानों का जितना कर्ज है। वह जमा कराने के लिए नोटिस दिए है। संस्था में १५५ किसान ऐसे है। जिनका ऋण है और उन्हें नोटिस दिए है। -चतुर्भुज परिहार, प्रबंधक, सहकारी संस्था निंबोद


मेरी जानकारी में नहीं है
ऐसी कोईजानकारी मेरे पास नहीं है। पूछ कर ही बता पाऊंगा। योजना के अपात्र किसानों को जारी भी किए होंगे तो वह सूचना पत्र होंगे। -एसके भारद्वाज, एमडी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक


कर्जमाफी किसानों के साथ छलावा है
कांग्रेस की कर्जमाफी किसानों के साथ बड़ा छलावा साबित हुई है। 10 दिन के वादें के साथ सरकार में आई कांग्रेस ने इतने दिन लगा दिए अब तक एक किसान का कर्जमाफ नहीं किया।और अब नोटिस जारी होने लगे है। यह कांग्रेस का दोहरा रवैया उजागर कर रहा है। जो प्रक्रिया अपनाई है। इससे सहकारिता और सोसायटियां खत्म होने की कगार पर आ जाएगी।आलम यह होगा की खाद-बीज और शून्य प्रतिशत पर ब्याज भी सोसायटियां अब किसानों को नहीं उपलब्ध करा पाएगी।-राजेंद्र सुराणा, जिलाध्यक्ष, भाजपा


प्रशासनिक त्वरिता के अभाव में जारी हुए नोटिस
31 मार्च-18 तक के कर्ज वाले सभी किसानों को ऋणमुक्ति प्रमाण पत्र जारी हो चुके है। और १ अप्रैल से 12 दिसंबर तक के कर्ज वाले किसानों को भी ऋणमुक्त कर दिया है। इन्हें चुनाव बाद प्रमाण पत्र जारी होंगे। जो सूचना पत्र जारी हुए है। वह शासन के निर्देश सतह तक जाने और प्रशासनिक त्वरिता के अभाव के कारण हुआ है। जल्द ही इसे भी स्पष्ट कर दिया जाएगा।
-प्रकाश रातडिय़ा, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस