सूर्य ग्रहण कल, शुरुआत सुबह 10.30 बजे से

भीलवाड़ा।
शनिवार को पीतरों की धूप दी गई। रविवार को अमावस्या है। इस वर्ष का चैत्र नव संवत 2077 का प्रथम सूर्यग्रहण रविवार को पड़ेगा। यह कहना है, पंडित अशोक व्यास का। पं. व्यास ने बताया कि कोरोना काल पडऩे वाले इस सूर्य ग्रहण के बाद भारत में महामारी का प्रकोप कम होगा। प्रजा में अमन-शांति की लहर जागृत होगी लेकिन कुछ ग्रहों के वक्री होने तथा कई ग्रहों के अलग-अलग शुभ-अशुभ स्थान पर होने के कारण विश्व में कई तरह की उथल-पुथल की आशंका रहेगी।

उनके अनुसार, खंडग्रास सूर्यग्रहण मृगशिरा व आद्रा नक्षत्र में मिथुन राशि पर 21 रविवार को होगा। ग्रहण सुबह 10.30 बजे से शुरू होगा। दोपहर 2.04 बजे तक दिखेगा। इसका सूतक शनिवार रात 10.30 बजे लगेगा। बालक-वृद्ध और रोगी को प्रहर पूर्व अर्थात दिन में 7.31 से सूतक मानना चाहिए। सूर्यग्रहण सिर्फ भारत में ही दिखाई देगा।
30 दिन में 3 ग्रहण
चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण, राहु-केतु के कारण होता है। माना जाता है कि राहु-केतु, सूर्य और चंद्र को दुश्मन मानते हैं। जिस कारण कभी-कभार अमावस्या को सूर्य का पूर्णिमा को चंद्र का ग्रास कर लेते हैं। इस कारण ग्रहण होता है। इस वर्ष सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की अधिकता देखी जाएगी। इनमें कुछ ग्रहण भारत में नहीं दिखेंगे। खास बात है कि 5 जून से 5 जुलाई के बीच 30 दिन में 3 ग्रहण होंगे।