सुनकर, मननकर, आचरण में लाये जीवन सार्थक होगा – प. पू. श्री प्रेमलता जी महारासाहेब

मेवाड़ किरण @ नीमच -

अपना कुकड़ेश्वर @ मनोज खाबिया
अभी बहुत सुन्दर समय, सुन्दर माहौल ओर सुन्दर जिनवाणी हमे प्राप्त हो रही है आगम के उत्तराध्नसुत्त में माणुसतं, सुई संध्दा संजमन्नि विरीयणं जिनवाणी में हमे चार वस्तु दुर्लभ बता रही है मनुष्य जीवन दुर्लभ बताया, सुनना, श्रंध्दा, आचरण आपने बताया कि ये चार दुर्लभ है उक्त बात हुकमेंश संघ के नवम् नक्षत्र आचार्य श्री रामलाल जी मारासाहब की आज्ञाननुवती परम पूज्य श्री प्रेमलता जी मारासाहब ने धर्म सभा के बीच बताया कि आगम हमें बता रहा है चार बात बहुत ही दुर्लभ है जिसमें मनुष्य भव तो बहुत ही दुर्लभ है कई योनियो में भटकने के बाद मानव जीवन मिलता है इसमें हमने सुन लिया ओर सुनकर श्रवण कर लिया और शास्त्रों का अध्ययन कर लिया ओर इन सब को अध्ययन करने सुनने और संतों का समागम के बाद आपने अपने आचरण को सुधार लिया तो ये मानव भाव सुधर जाएगा आपने मानव को ही तत्वों के ज्ञाता बताया है सबको समझ कर उनको आचरण में ला सकता है इस अवसर पर पुज्या श्री कल्प मणी जी ने फरमाया की जिनवाणी को हम पावन कर रहे हैं जिनवाणी ताकतवर है इसको श्रवण करके बुद्धि में उतारना है अगर हम ने सुन ली और उसको इधर सुन कर उधर निकाला तो अपना कल्याण कहां होगा आपने आत्म कल्याण के लिए जिनवाणी सुन कर आचरण में उतारने को कहा इससे पूर्व श्री मर्यादा श्री जी महारासाहब ने हमें बताया कि, सम्यक से मोक्ष की प्राप्ति होती है और समवेग किसे कहते हैं सम प्लस वेग सम याने जहां तक समता भाव नहीं आएगा वहां तक वेग वैराग्य नहीं होगा वैराग्य का मतलब सन्यास लेना नहीं है मानव जीवन ग्रस्त जीवन में रहकर भी अपने आचरण को संमभावित बनाकर सुधार लें तो आत्मा कल्याण होगा सुविचार ही सुख देने वाले होते हैं और अपनी आत्मा का कल्याण कर मोक्ष की ओर अग्रसर होती है इसके लिए समवेत होना आवश्यक है कुकड़ेश्वर में आदि थाणा पांच के दर्शन हेतु पिपलिया मंडी संघ, दलौदा संघ, बूढ़ा संघ, चपलाना संघ, आतरी माता संघ दर्शन करने हेतु आए इस अवसर पर पिपलिया मंडी संघ अध्यक्ष मनोहर जैन ने भी अपने विचार व्यक्त किए एवं उत्क्रांती के बारे में बताया आचार्य श्री ने सभी को समानता और समरसता में रहने के लिए को उकांति अपनाने का अभियान आचार्य श्री नानेश की 100वें जन्मोत्सव के उपलक्ष में चलाई जीसे अपनाना है और मानव जीवन सफल बनाना है इस अवसर पर दलौदा से पधारे संघ श्रीमती सीमा भंडारी अध्यक्ष सूरजमल बोहरा बाल श्रावक महत्व बोहरा बाल श्राविका हषित खाबिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए कार्यक्रम का संचालन सतीश खाबिया ने किया एवं बाहर से पधारे सभी संघों का आभार चातुर्मास समिति अध्यक्ष विजय श्रीमाल ने माना। उक्त जानकारी चातुर्मास समिति उपाध्यक्ष व शाखा प्रभारी मनोज खाबिया ने दी।

Source : Apna Neemuch