सिसौदिया के बयान पर नाहटा ने चलाए बयानों के तीर


मंदसौर.
विधानसभा क्षेत्र में कामों को लेकर भाजपा विधायक यशपालसिंह सिसौदिया व कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा के बीच बयानों का दौर थम ही नहीं रहा है। विधायक सिसौदिया के हर बयान पर पूर्व मंत्री नाहटा कटाक्ष करने में लगे हुए है। पिछले दिनों शहर में गुमटी हटाने का मुद्दा हो या भाजपा नेता के बयान में कांग्रेस सरकार द्वारा चिङ्क्षहत कर गुमटी हटाने का मामला हो।

हर मामले पर नाहटा बयान जारी कर रहे है तो अब चौसला बांध पर राजनीतिक बयानों का दौर भी शुरु हो चुका है। पिछले दिनों सिसौदिया द्वारा दिए गए बयान पर अब नाहटा ने तीर चलाते हुए बांध के स्वीकृत नहीं होने का दावा किया है। ऐसे में क्षेत्र में सिसौदिया-नाहटा के बयानों के बीच ठंड के मौसम में राजनीतिक की गरमाहट का दौर चल रहा है। दोनों में विधानसभा चुनाव के नामांकन फॉर्म जमा करने के बाद से ही बयानों का दौर चल रहा है।


नाहटा ने कहा चौसला बांध तो स्वीकृत ही नही हुआ
पूर्व मंत्री नाहटा ने बताया जारी कर बताया कि विधानसभा क्षेत्र में शिवना नदी पर प्रस्तावित चौसला बांध न तो स्वीकृत हुआ न उसमें चौसला, माऊखेडी सहित पांच गांव डूब में जाने वाले है। नाहटा ने कहा कि विगत दिनो विधायक ने घोषणा की थी कि चौसला बांध स्वीकृत हो गया है। इससें करीब 4000 एकड़ में सिचांई होगी। इसमें पांच गांव डूब में आऐंगें। इन गा्रमो के किसानों ने इसी कारण चौसला बांध का विरोध किया, तब फिर विधायक ने दावा किया कि मुख्यमंत्री से पहल कर बांध का निर्माण कार्य रूकवा दिया। नाहटा ने कहा कि सिंचाई विभाग के अनुसार यह बांध प्रस्तावित है लेकिन स्वीकृत नही हुआ है। इसमें प्रदेश के पांच गांव डूब में जाने वाली बात सही नही है। राजस्थान क्षेत्र के 5 गांव डूब में जाएंगे। नाहटा ने कहा कि यदि यह जानकारी सही है तो बांध के प्रस्ताव को राजस्थान सरकार की स्वीकृति की आवश्यकता होगी। नाहटा ने कहा कि जवाबदार जनप्रतिनिधियों को केवल लोकप्रियता के लिए इस तरह के गलत दावे नही करने चाहिए। नाहटा ने कहा कि यदि ग्रामीणों की सहमति हुई तो स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री से वह आग्रह करेगें।
नाहटाजी आज घोषणा कर दे बांध बनाने की
विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने बताया कि मुख्यमंत्री से कहकर योजना रुकवा भी दी हो तो अब उनकी सरकार है। मुख्यमंत्री उनके है वह इस बांध को पूरा करवा दे। बांध के स्वीकृति को लेकर उन्होंने कोई बयान ही नहीं दिया। अभी योजना का सिर्फ रोडमैप बना है। अभी डीपीआर बनना है। मंजूरी होना है। इस बांध को लेकर अभी तक मैंने कोई बात नहीं की। जो भी बयान व डूब की बात आई है वह अधिकारियों की और से आई है। योजना अधिकारी बनाते है। अभी कुछ नहीं हुआ है। इस प्रकार के बचकाना बयान देने से बचना चाहिए। नाहटाजी आज घोषणा कर दे की बांध बनना चाहिए। वह अनुभवी नेता है। डीपीआर बनने से कोई योजना फायनल नहीं हो जाती है।
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