सरकार बदलते ही अटका 17 करोड़ के प्रसूति वार्ड का प्रोजेक्ट


मंदसौर.
जिला अस्पताल परिसर में 100 बेड का अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ नया प्रसूतिवार्ड बनना है। लेकिन यह 17 करोड़ का प्रोजेक्ट सरकार बदलने के साथ ही विभागीय प्रक्रियाओं मं उलझकर रह गया है। विभाग ने इस वार्ड के निर्माण की एजेंसी पीआईयू को बनाया है, लेकिन विभाग की मानें तो अभी इसकी प्रक्रियाएं ही पूरी नहीं हुई है। इधर स्वास्थ्य विभाग भी इस प्रोजेक्ट से अनजान है। ऐसे में जिले की महिलाओं को अस्पताल में कब इस नई सुविधा का लाभ मिल सकेगा। यह पर भी अब संशय की स्थिति बन गई है। प्रोजेक्ट शुरु होने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।


कागजों में उलझा करोड़ों का प्रोजेक्ट
जिला अस्पताल में प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाला यह करोड़ों का प्रोजेक्ट सरकार बदलने के साथ ही विभाग की कागजी प्रक्रियाओं में उलझकर रह गया है। प्रसूति वार्ड के इस प्रोजेक्ट में विभाग स्तर पर अभी प्रक्रियाओं को पूरा होने का इंतजार है। इसके बाद ही इसका निर्माण शुरु हो सकेगा। ऐसे में माना जा रहा है कि मंजूरी भले ही पिछली सरकार में ही इस प्रोजेक्ट को मिली हो, लेकिन अभी इस जमीन पर उतरने में लंबा समय लगेगा।

मॉर्डन मेटनिटी बनना है
अस्पताल में मॉर्डन प्रसूतिगृह बनना है। इसमें आईसीयू से लेकर बच्चों व प्रसूताओं के उपचार की सभी सुविधाएं रहेंगी। सर्वसुविधायुक्त प्रसूतिगृह का काम पीआईयू द्वारा किया जाएगा। अस्पताल की वर्तमान मेटनिटी को उसमें शिफ्ट किया जाएगा। प्रोजेक्ट को लेकर अधिक जानकारी नहीं है।-डॉ. महेश मालवीय, सीएचएमओ
सब स्वीकृत है
अस्पताल परिसर में वर्तमान प्रसूतिगृह के सामने जो भूमि है। वहां पर अत्याधुनिक सुविधाओं वाला प्रसूति वार्ड बनना है। इसके लिए सबकुछ स्वीकृत है और मंजूरी भी हो चुकी है। पीआईयू इसकी निर्माण एजेंसी है। जल्द इसका काम शुरु होने वाला है। -यशपालसिंह सिसौदिया, विधायक